बजट पर बजट: नौवीं बार बजट पेश कर संसदीय इतिहास का नया अध्याय लिखेंगी निर्मला सीतारमण; बनेगा नया कीर्तिमान
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 30, 2026, 05:48 PM IST
लगातार बजट पेश करने के मामले में अब निर्मला सीतारमण का कोई सानी नहीं है। आगामी बजट के साथ वह न सिर्फ अपने ही रिकॉर्ड को मजबूत करेंगी, बल्कि देश के सबसे लंबे बजट रिकॉर्डधारी मोरारजी देसाई से भी महज एक कदम दूर रह जाएंगी। यह उपलब्धि भारतीय संसदीय इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है।
निर्मला सीतारमण
देश के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की पहली महिला पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवीं बार आम बजट पेश कर ऐसा कीर्तिमान स्थापित करेंगी,जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री ने नहीं बनाया। इसके साथ ही उन्होंने पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी जैसे दिग्गज वित्त मंत्रियों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक मौके के साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के सर्वाधिक बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में पेश होने वाले इस बजट से सुधारवादी कदमों के जरिये विकास को गति मिलने की काफी उम्मीदें हैं।
मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड से एक कदम दूर
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ निर्मला सीतारमण ने लगातार बजट पेश करने के मामले में अपने सभी पूर्ववर्तियों को पीछे छोड़ दिया है। मोरारजी देसाई ने 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश कर कुल 10 बजट का रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि, लगातार बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब सीतारमण के नाम दर्ज हो जाएगा। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम (नौ बजट) और प्रणब मुखर्जी (आठ बजट) को भी पीछे छोड़ दिया है,जिन्होंने अलग-अलग कार्यकालों में ये आंकड़े हासिल किए थे।पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री का अनोखा सफर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं निर्मला सीतारमण अब तक फरवरी 2024 के अंतरिम बजट सहित लगातार आठ बजट पेश कर चुकी हैं। उनका नौवां बजट न केवल संख्या के लिहाज से,बल्कि महिला नेतृत्व और संसदीय इतिहास के लिहाज से भी विशेष महत्व रखता है।
मोरार जी देसाई का रिकॉर्ड अभी तक बरकरार
स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था। इसके बाद अब तक कई वित्त मंत्रियों ने बजट पेश किए, लेकिन सबसे लंबा कार्यकाल और सबसे ज्यादा बजट पेश करने का श्रेय अब भी मोरारजी देसाई के नाम है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए थे,जो उस दौर में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता था।सबसे लंबा और सबसे छोटा बजट भाषण
बजट भाषण की अवधि के मामले में भी निर्मला सीतारमण का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज है। एक फरवरी 2020 को उन्होंने दो घंटे 40 मिनट का सबसे लंबा बजट भाषण दिया था। वहीं, सबसे छोटे बजट भाषण का रिकॉर्ड 1977 के अंतरिम बजट के नाम है, जब वित्त मंत्री हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने महज 800 शब्दों में बजट भाषण पूरा किया था।
समय और तारीख में हुआ बड़ा बदलाव
बजट पेश करने की परंपरा में भी समय के साथ बदलाव हुए हैं। 1999 से पहले बजट शाम पांच बजे पेश किया जाता था,जिसे तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। वहीं, 2017 से बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी से बदलकर एक फरवरी कर दी गई, ताकि नया वित्त वर्ष एक अप्रैल से ही सुचारू रूप से लागू हो सके।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू विकास को रफ्तार देने की चुनौतियों के बीच पेश होने वाला यह बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है। सरकार से सुधारवादी कदमों, निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन को गति देने की उम्मीदें की जा रही हैं।
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