देश

बिहार, झारखंड और दिल्ली में NIA का ताबड़तोड़ एक्शन, कई स्थानों पर की छापेमारी; जानें डिटेल

NIA Raids: देश के कई राज्यों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण का एक्शन देखने को मिला। जहां झारखंड में नक्सलवाद से जुड़े मामले में कई स्थानों पर एनआईए की छापेमारी हुई। इसके अलावा राजधानी दिल्ली और बिहार में भी जांच एजेंसी NIA का एक्शन देखने को मिला आपको पूरी डिटेल इस रिपोर्ट में दे देते हैं।

Image

(फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

News Delhi: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने धन और आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी से जुड़े नक्सलवाद के मामले के सिलसिले में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नौ स्थानों पर छापेमारी की। रविवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया कि शनिवार को नौ स्थानों पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा (माओवादी) से जुड़े संदिग्धों और ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ (ओजीडब्ल्यू) के कई परिसर पर ली गई तलाशी के दौरान एनआईए ने मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड, सिम कार्ड और अन्य वस्तुएं बरामद कीं।

झारखंड के कई जगहों पर NIA ने की छापेमारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में कल सीपीआई (माओवादी) के एक मामले में नौ स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें धन और आपत्तिजनक सामग्री बरामदगी शामिल है। यह मामला 10,50,000 रुपये की नकदी, एक वॉकी-टॉकी, एक सैमसंग टैबलेट, एक पावर बैंक, एक रेडियो सेट, एक लेवी वसूली रसीद, एक पुल थ्रू, जिलेटिन की छड़ों की बरामदगी और जब्ती से जुड़ा है। एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया कि भाकपा (माओवादी) के सदस्य मिसिर बेसरा का एक ‘नेक बैंड’, टाइटन चश्मा और अन्य वस्तुएं मिली हैं।

बयान में कहा गया कि ये सामग्रियां हुसिपी और राजभासा गांवों के बीच स्थित वन क्षेत्रों में दबी हुई मिलीं, जिन्हें राजेश देवगम नामक एक आरोपी के खुलासे के बाद बरामद किया। मामला मूल रूप से मार्च 2024 में झारखंड के चाईबासा जिले के टोंटो पुलिस थाने में पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था, और बाद में जुलाई में एनआईए ने इसकी जांच शुरू की थी।

मानव तस्करी और साइबर गुलामी नेटवर्क पर चोट

लाओ मानव तस्करी और साइबर गुलामी नेटवर्क को खत्म करने के अपने प्रयासों को तेज करते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को दक्षिण दिल्ली के जामिया नगर में हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी में डिजिटल डिवाइस (मोबाइल फोन/टैबलेट) और कई बैंकों के डेबिट कार्ड, पासबुक और चेकबुक सहित आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए: एनआईए

मोहम्मद सज्जाद आलम को किया गिरफ्तार

इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को पटना (बिहार) के फुलवारीशरीफ पीएफआई मामले में एक मुख्य आरोपी को दुबई, संयुक्त अरब अमीरात से आने पर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया।

एनआईए की एक टीम ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के आरोपी मोहम्मद सज्जाद आलम को हवाई अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के प्रशिक्षित कैडर मोहम्मद सज्जाद आलम के खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत, पटना द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट था और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article