पीएफआई से जुड़े 56 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी जारी है। बता दें कि इसी वर्ष सितंबर के महीने में गृह मंत्रालय ने अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट 1967 के तहत इस संगठन और उससे जुड़ी शाखाओं को पांच साल के लिए बैन कर दिया था। इस संगठन को केंद्र सरकार ने गैरकानूनी संगठन माना है। केरल पुलिस के सहयोग से एनआईए ने गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। सूत्रों के मुताबिक पीएफआई के कुछ कैडर्स के खिलाफ पुख्ता जानकारी के बाद छापेमारी शुरू की गई। संजीथ, वी रामालिंगम, अभिमन्यू, बिबिन, शरद, आर रुद्रेश और प्रवीन शशि कुमार के हत्या के आरोपी हैं।
पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई
गृहमंत्रालय का कहना है कि इन हत्याओं के जरिए पीएफआई संगठन समाज में अशांति और सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने के लिए जिम्मेदार थे। सरकार का कहना है कि इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि पीएफआई के वैश्विक आतंकी संगठनों अल कायदा और आईएसआईएस जैसे संगठनों के साथ संबंध थे। पूरी दुनिया को पता है कि ये दोनों संगठन वैश्विक शांति के लिए किस हद तक खतरा है।
