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पहाड़ों की रानी मसूरी के लिए अलर्ट, साल 2052 तक होगा भयंकर पेयजल संकट, एनजीटी की रिपोर्ट

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 5, 2023, 01:42 PM IST

मसूरी अपने संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण पानी की कमी से जूझ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि निकट भविष्य में हालात और खराब हो जाएंगे।

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मसूरी में साल 2052 तक होगा भयंकर पेयजल संकट

Photo : PTI

Musoorie Water Crisis Report: पहाड़ों की रानी कहे जानी वाली मसूरी में आने वाले समय में भारी जल संकट पैदा हो सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने इसे लेकर अपनी रिपोर्ट दी है। दरअसल, अंधाधुंध दोहन के कारण यहां लगातार पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है।

संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण पानी की कमी

मसूरी अपने संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण पानी की कमी से जूझ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि निकट भविष्य में हालात और खराब हो जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिल स्टेशन में 2052 तक पीने के पानी की भारी कमी हो जाएगी। यह जानकारी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) समिति द्वारा दायर तथ्यात्मक और कार्रवाई की गई रिपोर्ट के बाद सामने आई है।

राज्य में शहरी के साथ-साथ ग्रामीण जल आपूर्ति और सीवेज योजनाओं की योजना, सर्वेक्षण, डिजाइन और निष्पादन के लिए जिम्मेदार पेयजल निगम ने इस विस्तृत रिपोर्ट के लिए डेटा प्रदान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मसूरी के लिए जरूरी पेयजल मौजूदा 12.6 एमएलडी से 2052 तक 19.1 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) तक पहुंच जाएगा। दूसरी ओर मौजूदा संसाधनों से पानी की आपूर्ति 2052 तक घटकर 4.1 एमएलडी हो जाएगी, जिससे लगभग 15 एमएलडी की कमी हो जाएगी।

फिलहाल पेयजल की आपूर्ति 20 झरनों और टैंकरों से

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मसूरी की जनसंख्या करीब 93500 है। 2025 तक इसमें 50 फीसदी बढ़ोतरी होगी और करीब 1.42 लाख तक पहुंच जाएगी। अभी मसूरी में पेयजल की आपूर्ति 20 बड़े और छोटे झरनों द्वारा की जाती है। आपूर्ति में कमी की भरपाई निजी पानी के टैंकरों से की जाती है, जो धोबीघाट झरने से पानी इकट्ठा करके की जाती है।

हालिया निर्देशों के तहत एनजीटी ने कहा है कि कर्मशियल उपयोग के लिए टैंकरों से जल आपूर्ति नहीं की जाएगी। पेयजल निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संदीप कश्यप का कहना है कि योजना के मुताबिक पीक सीजन में पानी की मांग यमुना से पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है और 2052 तक इस शहर की पानी की जरूरत को इससे पूरा कर लिया जाएगा।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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