नीट यूजी पेपर लीक (NEET-UG Paper Leak) मामले को लेकर देश भर में मचे बवाल के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिरसाट ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल कोचिंग सेंटर मालिकों और अन्य आरोपियों की अवैध संपत्तियों तथा इमारतों को जमींदोज कर दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हाल ही में लातूर में 'रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस' (RCC) चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को इस मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
"इतने विज्ञापन तो बड़े नेता भी नहीं दे सकते"
नीट कोचिंग सेंटरों द्वारा की जा रही अंधाधुंध कमाई और उनके बड़े-बड़े विज्ञापनों पर निशाना साधते हुए मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, "आज देश के बड़े से बड़े राजनेता भी इतने विज्ञापन देने का खर्च नहीं उठा सकते, जितने ये कोचिंग क्लासेस वाले उठाते हैं। आप किसी छोटे से गांव में भी चले जाएं, वहां आपको नीट कोचिंग के बड़े-बड़े होर्डिंग्स दिख जाएंगे। यह सारा पैसा मासूम छात्रों की फीस से आता है।"
इन लोगों की संपत्ति हो जब्त: शिरसाट
उन्होंने आगे कहा कि अब सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। सरकार को इन लोगों की अकूत संपत्ति की जांच करनी चाहिए, उसे जब्त करना चाहिए और इनके स्वामित्व वाली इमारतों को बुलडोजर से ढहा देना चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले?
विपक्ष द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरसाट ने इसे सरकार और पार्टी का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा, "इस वक्त सबसे महत्वपूर्ण काम आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करना है। नीट पेपर लीक कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है; यह देश के 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य का सवाल है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक सख्त नजीर पेश करना जरूरी है।"
कैसे लीक किया जाता था पेपर?
सीबीआई की जांच में इस रैकेट को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी ने इससे पहले केमिस्ट्री के लेक्चरर पी. वी. कुलकर्णी और बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने मनीषा वाघमारे नामक महिला के जरिए नीट के परीक्षार्थियों से संपर्क साधा था।
क्या है मामला?
छात्रों से विशेष सत्र (Special Sessions) में शामिल होने के लिए लाखों रुपये वसूले गए। परीक्षा से ठीक पहले आयोजित इन सत्रों में छात्रों को कुछ चुनिंदा सवाल उनकी कॉपियों में नोट करवाए गए। जब मुख्य परीक्षा हुई, तो ये सवाल हूबहू (Exactly) नीट-यूजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खा गए।
21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
गौरतलब है कि 3 मई को देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर नीट (NEET) परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
हालांकि, 7 मई की शाम को परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सरकार ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
