NEET Paper Leak: दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में आरोपी एक चिकित्सक की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत याचिका खारिज की। अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है। न्यायाधीश ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी छह अगस्त तक बढ़ा दी।
'चिकित्सक ने 5 लाख लेकर दिखाया था पेपर'
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जमानत पर सुनवाई के दौरान दावा किया था कि लातूर के रहने वाले चिकित्सक ने एक परीक्षार्थी के परिवार से पांच लाख रुपये लिए और परीक्षा से पहले परीक्षार्थी को अपने अस्पताल में लीक हुआ रसायन विज्ञान का पेपर दिखाया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया था कि शिरुरे ने मुख्य आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से दो अन्य चिकित्सकों की मुलाकात कराई थी और इन चिकित्सकों के बच्चों को भी कथित रूप से पेपर लीक होने से फायदा मिला था।
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CBI ने लगाए गंभीर आरोप
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आरोपी चिकित्सक ने सह-आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर को तीन मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा से पहले अप्रैल के तीसरे सप्ताह में अपने अस्पताल में लीक हुआ रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र दिखाया था। सीबीआई ने दावा किया था कि परीक्षार्थी के परिवार से मिले पांच लाख रुपये शिरुरे की बहन के घर से बरामद किए गए थे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी और 19 जुलाई को रिजल्ट सामने आया।
