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TMC के बागी सांसदों की एंट्री के साथ ही NCPI में बड़ा बदलाव, ज्योतिप्रकाश चटर्जी बने नए अध्यक्ष

Nationalist Citizen Party Of India: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को अपने साथ जोड़ने के बाद चर्चा में आई नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने ज्योतिप्रकाश चटर्जी को नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह जानकारी टीएमसी के बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने दी। इससे पहले पार्टी की संस्थापक शेवली कुंडू ने अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान किया था, जिसके बाद नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

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ई ’नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) ने ज्योतिप्रकाश चटर्जी को अपना नया अध्यक्ष नामित किया। ANI

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Nationalist Citizen Party Of India: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को आश्रय देकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई ’नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) ने ज्योतिप्रकाश चटर्जी को अपना नया अध्यक्ष नामित किया है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के धड़े का नेतृत्व कर रही काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

शेवली कुंडू ने छोड़ा पार्टी प्रमुख का पद

काकोली का यह बयान एनसीपीआई की संस्थापक शेवली कुंडू के संवाददाताओं को यह बताने के एक दिन बाद आया कि उन्होंने पार्टी प्रमुख का पद छोड़ दिया है। इससे यह अटकलें शुरू हो गईं कि काकोली ने स्वयं एनसीपीआई की कमान संभाल ली है। काकोली ने मंगलवार को समाचार एजेंसी पीटीआई के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि चटर्जी एनसीपीआई के नए अध्यक्ष हैं। हालांकि, पार्टी की तरह चटर्जी के बारे में भी सार्वजनिक मंच पर बहुत अधिक जानकारी नहीं है।

मुझे नहीं पता कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी कौन हैं: शांतनु डे

स्वयं को एनसीपीआई का राष्ट्रीय संगठन महासचिव होने का दावा करने वाले शांतनु डे ने बताया कि उन्हें नए अध्यक्ष के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी कौन हैं। मुझे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि एनसीपीआई के साथ क्या हो रहा है, जिसके लिए मैंने इतनी मेहनत की थी। मुझे खुशी है कि बड़े नेता हमारे साथ जुड़ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया है। मुझे इस बात से निराशा है कि हमें अंधेरे में रखा जा रहा है।" शांतनु डे का नाम पार्टी के पुराने प्रचार पोस्टर में एनसीपीआई के महासचिव के तौर पर अंकित था।

पार्टी ने 2023 में कराया था पंजीकरण

एनसीपीआई ने जनवरी 2023 में एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर अपना पंजीकरण कराया था। निर्वाचन आयोग के दस्तावेजों के मुताबिक पार्टी ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के संकराइल स्थित एक इमारत को पते के तौर पर दर्ज कराया है। पार्टी ने त्रिपुरा-2023 विधानसभा चुनावों में चार उम्मीदवार मैदान में उतारे और अपने चुनावी नारे "राजनीतिक दल-बदलुओं को नकारें" के जरिये मतदाताओं से अपील की। इन चार में से दो उम्मीदवारों ने पार्टी के चुनाव चिह्न पर किस्मत आजमाई और तीसरे ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, जबकि चौथे उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया।

पार्टी के एक उम्मीदवार, बरजेडा त्रिपुरा को 536 वोट मिले, जो नोटा (उपलब्ध उम्मीदवारों में से कोई नहीं) से 36 ज्यादा थे, जबकि दूसरे उम्मीदवार को 286 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले को 376 वोट मिले। एनसीपीआई ने निर्वाचन आयोग को दी लेखापरीक्षण रिपोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान उसे समर्थकों से चंदे के तौर पर 1,13,075 रुपये मिले। चुनाव आयोग को सौंपे गए वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक ऑडिट ब्योरे से यह भी पता चला है कि शुभचिंतकों से मिले कुल 1,13,075 रुपये के चंदे में से ₹1.13 लाख चुनाव प्रचार में खर्च करने के बाद इस वक्त पार्टी के बैंक खाते में क्लोजिंग बैलेंस के रूप में मात्र 75 रुपये बचे हैं; ऐसे में 'दलबदल विरोधी' नारे वाली इस बेहद कमजोर वित्तीय स्थिति वाली अनजान पार्टी का अचानक टीएमसी के 20 दिग्गज सांसदों के लिए "कानूनी सुरक्षा कवच" बनना राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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