केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का समापन 24 फरवरी को नेशनल डिक्लेरेशन 2026 को सर्वसम्मति से अपनाने के साथ हुआ। यह सम्मेलन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।
लोकतंत्र की बुनियाद: शुद्ध मतदाता सूची
सम्मेलन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची (Electoral Rolls) लोकतंत्र की आधारशिला है। निष्पक्ष और कुशल चुनाव प्रक्रिया ही लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत बनाती है।
डिक्लेरेशन 2026 में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी:
1. राष्ट्रीय और संवैधानिक हित में केंद्रीय चुनाव आयोग और सभी राज्य चुनाव आयोगों के बीच आपसी सहमति वाले तंत्र और कानूनी ढांचे विकसित किए जाएंगे।
2. ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म, EVM, मतदाता सूची और IIIDEM के विश्वस्तरीय ढांचे को साझा करने पर जोर।
3. पंचायत और नगर निकाय चुनाव संबंधी कानूनों को संसद और विधानसभा चुनावों से जुड़े कानूनों के साथ समानता और समन्वय स्थापित करने का प्रयास।
4. राज्य चुनाव आयोग को चुनाव आयोग के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया।
5. हर वर्ष राष्ट्रीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का प्रस्ताव।
27 साल बाद हुआ चुनाव आयोग का ये आयोजन
यह राष्ट्रीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की गई। इसे सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
‘A Confluence of Democracies’ का लोकार्पण
सम्मेलन के दौरान ECI का नया प्रकाशन ‘A Confluence of Democracies’ भी जारी किया गया। यह हाल ही में आयोजित IICDEM 2026 सम्मेलन का विस्तृत दस्तावेज है, जिसमें 70 से अधिक देशों के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
सम्मेलन में मिले सुझावों का अध्ययन चुनाव आयोग के विधिक और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम करेगी। अगले तीन महीनों में राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कार्ययोजना तैयार कर चुनाव आयोग को सौंपी जाएगी।
