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कभी विप्रो से नौकरी मांगने गए थे नारायण मूर्ति, हो गए थे रिजेक्ट, अजीम प्रेमजी ने बाद में मानी थी गलती

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 14, 2024, 09:54 PM IST

भारतीय अरबपति व्यवसायी नारायण मूर्ति ने शनिवार को सीएनबीसी-टीवी18 को दिए गए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। नारायण मूर्ति ने खुलासा किया कि विप्रो के पूर्व अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने बाद में मूर्ति से कहा कि उन्हें काम पर न रखने का निर्णय एक गलती थी।

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इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति

Photo : PTI

इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने एक बार विप्रो में नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन तब उन्हें विप्रो में नौकरी नहीं मिली थी। जिससे बाद नारायण मूर्ति ने इंफोसिस की स्थापना की, जो आईटी उद्योग में विप्रो के सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों में से एक है।

'अजीम प्रेमजी ने मानी थी गलती'

भारतीय अरबपति व्यवसायी नारायण मूर्ति ने शनिवार को सीएनबीसी-टीवी18 को दिए गए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। नारायण मूर्ति ने खुलासा किया कि विप्रो के पूर्व अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने बाद में मूर्ति से कहा कि उन्हें काम पर न रखने का निर्णय एक गलती थी। मूर्ति ने कहा- ''अजीम ने एक बार मुझसे कहा था कि उन्होंने जो सबसे बड़ी गलती की, वह मुझे काम पर न रखना था।''

इंफोसिस की शुरुआत

1981 में, नारायण मूर्ति ने अपने छह दोस्तों और पत्नी सुधा मूर्ति द्वारा दी गई 10,000 रुपये की प्रारंभिक धनराशि के साथ इंफोसिस की स्थापना की। जो आज आईटी की बड़ी कंपनियों में से एक है। वहीं प्रेमजी ने अपने विरासत में मिले वनस्पति तेल साम्राज्य को एक आईटी सॉफ्टवेयर समाधान प्रदाता फर्म में बदल दिया।

बेंगलुरु में स्थित

विप्रो और इंफोसिस, दोनों बेंगलुरु में स्थित हैं और भारत की दो सबसे बड़ी आईटी कंपनियां हैं। विप्रो की स्थापना प्रेमजी के पिता, एमएच हशम प्रेमजी ने दिसंबर 1945 में की थी, दूसरे की स्थापना जुलाई 1981 में मूर्ति, नंदन नीलेकणि, क्रिस गोपालकृष्णन, एसडी शिबूलाल, के दिनेश, एनएस राघवन और अशोक अरोड़ा ने की थी।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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