Mumbai Maratha Andolan: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समुदाय की आरक्षण संबंधी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं तो पांच करोड़ से अधिक मराठा मुंबई आ जाएंगे। महानगर के दक्षिणी हिस्से में स्थित आजाद मैदान में समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर किया जा रहा आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। जरांगे ने आरोप लगाया कि फडणवीस इस मुद्दे पर निर्णय में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।
राज्य सरकार से जरांगे ने क्या की मांग?
जरांगे ने दावा किया, “(समुदाय को आरक्षण देने का) फैसला लेना बहुत आसान है। राज्य सरकार को बस इतना कहना है कि वह हैदराबाद, सतारा और अन्य गजेटियर लागू कर रही है तथा मराठवाड़ा के सभी मराठों को कुनबी घोषित कर रही है। ऐसे प्रमाणपत्रों का वितरण जिलाधिकारियों और तहसीलदारों द्वारा किया जा सकता है।”
कार्यकर्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, “मराठा मुंबई आने का इंतजार कर रहे हैं। वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं। अगर फडणवीस समुदाय की मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं तो पांच करोड़ से अधिक मराठा मुंबई आ जाएंगे।” जरांगे ने आरक्षण आंदोलनकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उनके कारण मुंबईवासियों को असुविधा न हो।
सीएसएमटी और दक्षिण मुंबई में जमा हुए सैकड़ों लोग
आरक्षण की मांग कर रहे मराठा समुदाय के सैकड़ों लोग छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और दक्षिण मुंबई के अन्य क्षेत्रों में एकत्र हो गए हैं, जिससे यातायात जाम हो गया है तथा यात्रियों को असुविधा हो रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने सीएसएमटी क्षेत्र की ओर जाने वाले यातायात को दूसरे रास्तों की ओर भेज दिया है, जबकि बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम ने भी सीएसएमटी की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बसों को निलंबित कर दिया है, परिवर्तित मार्ग से संचालन किया जा रहा है या सेवा को कम कर दिया है। जरांगे ने यह भी दावा किया कि 29 अगस्त को प्रदर्शन शुरू करने के बाद से उनके तीन समर्थकों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि ओबीसी कोटे (OBC) में मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की अपनी मांग को लेकर शुक्रवार से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं।
