बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आई तेजी
हालांकि महाराष्ट्र खंड में निर्माण पहले धीमा था, लेकिन 2022 में भाजपा-शिवसेना सरकार के सत्ता में आने के बाद से इसमें तेजी आई है। सभी राज्यों से आवश्यक अनुमतियां ले ली गई हैं। उन्होंने कहा कि अब काम बहुत तेजी से चल रहा है।
पहली समुद्री रेल सुरंग का भी निर्माण
वैष्णव ने इस बात पर भी जिक्र किया कि 21 किलोमीटर तक फैली भारत की पहली समुद्र के नीचे रेल सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि शुरुआत में बुलेट ट्रेन तकनीक आयात की गई थी, उसके बाद से भारत ने अपनी कई तकनीक विकसित की हैं। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बुलेट ट्रेन विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने पर काम कर रहे हैं।
बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर पर 24 में से छह नदियों पर पुलों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल, नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती नदियों पर निर्माण कार्य जारी है। समुद्र के नीचे रेल सुरंग का काम भी जारी है। सुरंग महाराष्ट्र में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा के बीच 21 किमी लंबी होगी।
जानिए बड़ी बातें
मुबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर कुल 508 किमी लंबा है, जिसमें कुल 12 स्टेशन होंगे। इस रूट पर 8 स्टेशन गुजरात में, जबकि 4 स्टेशन महाराष्ट्र में बन रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि बुलेट ट्रेन का पहला चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच साल 2026 में शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को गुजरात में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किमी की दूरी करीब 3-3.30 घंटे में तय होगी। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को जापान की शिंकनसेन टेक्नोलॉजी से बनाया जा रहा है। इसे बनाने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) ने फंड दिया है।
