सफर में आधा समय बचेगा
गडकरी ने कहा कि ये गलियारा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के भीतर प्रमुख आर्थिक केंद्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह दिल्ली से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) की दूरी लगभग 180 किमी कम करने और यात्रा के समय को कम करने में मदद करेगा। इसके शुरू होने के बाद कनेक्टेड गंतव्यों के लिए 50 प्रतिशत तक समय की बचत होगी।
अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये
यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट है और इसकी अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये है। यह देश का सबसे लंबा और व्यस्त एक्सप्रेस-वे होगा। इसकी लंबाई 1,350 किमी होगी। पिछले साल जनवरी में पीएम मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट ट्रेंच का उद्घाटन किया था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई द्वारा तैयार किया जा रहा है। इसका रखरखाव भी एनएचएआई ही करेगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की खासियतें
दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट है और इसकी कुल लंबाई 1,350 किमी. है।
यह एक्सप्रेस-वे कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत को कनेक्ट करेगा।
एक्सप्रेस-वे पर 30 लेन टोल प्लाजा बनाए जा रहे है जिससे गुजरते समय गाड़ियों का वेट-टाइम 10 सेकंड से भी कम का होगा।
इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए कार पार्किंग. फ्यूल पंप, रेस्टोरेंट, सर्विस एरिया, टॉयलेट, चिल्ड्रेन प्ले एरिया का इंतजाम होगा।
सबसे खास बात है कि यह भारत का पहला एक्सप्रेस-वे होगा जिसमें 2.5 किमी वन्यजीव क्रॉसिंग होगी।
इस प्रोजेक्ट को कुल 52 पैकेज में बांटा गया है, जिनकी लंबाई 8 किमी से 46 किमी तक है।
इन 6 राज्यों को जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे 6 राज्यों से होकर गुजरेगा। इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। एक्सप्रेस-वे गुड़गांव से शुरू होगा और राजस्थान में जयपुर और सवाई माधोपुर, मध्य प्रदेश में रतलाम और गुजरात में वडोदरा से होकर मुंबई तक जाएगा। इस दौरान यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव होगा।
राजमार्गों की लंबाई में 2014 के मुकाबले 1.6 गुना बढ़ोतरी
देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई मार्च, 2014 में 91,287 किमी से 1.6 गुना बढ़कर वर्तमान में 1,46,126 किमी हो गई है। सरकार ने अप्रैल, 2014 से 14.55 लाख करोड़ रुपये की लागत से 98,021 किमी एनएच का निर्माण किया है। मंत्रालय ने राज्यसभा में एक तीसरे सवाल के जवाब में कहा कि मंत्रालय का बजटीय आवंटन 2013-14 में लगभग 31,130 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में लगभग 2,84,000 करोड़ रुपये हो गया है।
