MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी ने महेश केवट के नाम की घोषणा कर दी है। बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतारने से कांग्रेस के सामने हार का संकट आ खड़ा हुआ है। यहां दो सीट पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस जीत सकती है, लेकिन बीजेपी ने अब तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतार कर यह साफ कर दिया है कि वो कांग्रेस को आसानी से जीतने नहीं देगी।
मीनाक्षी नटराजन के सामने महेश केवट
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है, उन्हीं के मुकाबले अब महेश केवट हैं। महेश केवट राज्य के मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी नेताओं ने एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसी बैठक में तीसरे उम्मीदवार के रूप में केवट को मैदान में उतारने की सहमति बनी, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने इसे हरी झंडी दिखाई।
क्या है जीत का समीकरण?
वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी वोटों की संख्या 228 है। इसमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट ना होने और उनका झुकाव भाजपा की तरफ होने तथा विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक जैसी तकनीकी वजहों से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट गया है। राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
कैसे फंस रही है कांग्रेस?
कांग्रेस के पास जीत के लिए आवश्यक आंकड़े हैं लेकिन भाजपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा से उसकी चिंता बढ़ा दी है और नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है। अगर कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो नटराजन की जीत मुश्किल में पड़ सकती है। हालांकि एक दिन पहले शनिवार को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का दावा करते हुए नटराजन को जीत का दंभ भरा था।
