Mukhtar Ansari: यूपी के दो माफिया डॉन जो बाद में नेता बने और आंतक का पर्याय भी। एक अतीक अहमद और दूसरा मुख्तार अंसारी। अतीक अहमद मारा जा चुका है और मुख्तार अंसारी की किस्मत का फैसला शनिवार यानि कि आज 29 अप्रैल को आने वाला है।
क्या है मामला
अतीक अहमद पर 2007 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसपर आज फैसला आना है। साल 2007 में मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस केस में 2005 कृष्णानंद राय मर्डर केस और नंद किशोर रुंगटा अपहरण मामले को आधार बनाया गया था। गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाने वाली है।
आने वाला था पहले ही फैसला
इस मामले में सुनवाई और बहस पूरी हो चुकी है। इस पर बस फैसला सुनाया जाना है। पहले 15 अप्रैल को फैसला आना था, बाद में 29 अप्रैल की डेट फैसले के लिए फिक्स की गई। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गाजीपुर नीरज श्रीवास्तव के अनुसार कोर्ट के आदेश की तिथि इसलिए स्थगित कर दी गई, क्योंकि एमपी-एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी शनिवार, 15 अप्रैल 2023 को उपस्थित नहीं थे।
मामले में क्या हुआ
मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी दोनों भाई कृष्णानंद राय मर्डर केस में 2019 में बरी हो चुके हैं। मुख्तार अंसारी, नंद किशोर रुंगटा केस में भी बरी है। लेकिन गैंगस्टर केस में सजा सुनाई जानी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों भाई कृष्णानंद राय मर्डर केस में रसूख का इस्तेमाल कर गवाहों पर दवाब बना कर गवाही नहीं होने दी और उसका फायदा उन्हें अदालती फैसले में मिला।
कृष्णानंद राय हत्याकांड
कृष्णानंद राय मुहम्मदाबाद से विधायक थे। कृष्णानंद राय की हत्या 29 जून 2005 को हुई थी। इस हमले में उनके छह साथी भी मारे गए थे। तब हत्यारों ने 400 राउंड गोलियां चलाईं थी। घटना के बाद पोस्टमॉर्टम के दौरान राय के शरीर से 67 गोलियां निकाली गईं। इस मामले में आरोप मुख्तार अंसारी और उसके भाई पर लगा।
