मुनीष देवगन की रिपोर्ट-
Digital talk with Munish Devgan : इंसान अपने स्वार्थ सिद्धी में इतना मग्न हो गया है कि उसे रिश्तों की, भावनाओं की कोई कद्र नहीं रह गई। परिवार में मां की बड़ी अहमियत होती है, लेकिन आजकल कुछ बच्चे मां के भी सगे नहीं रह गए हैं। अपने बच्चों के बुरे व्यावहार और उनके तिरस्कार से परेशान होकर कई मां को अपना बुढ़ापा Old Age Home में गुजारना पड़ रहा है।
उनके इस दर्द और व्यथा को Digital talk with Munish में पूरी ईमानदारी से दिखाने की कोशिश की गई है, कैसे अपने बनाए गए बड़े मकानों से दूर बुजुर्गों को ओल्ड ऐज होम में जिंदगी गुजारनी पड़ रही है, जिन बच्चों को उंगली पकड़कर कभी इस मां ने चलना सीखाया था, वो बच्चे ही इनकी उंगली पकड़कर इनकों आंगन नामक वृद्धाश्रम तक छोड़ गए।
हमसे बात करते हुए कई बुजुर्ग भावुक भी हो गए, अपने बच्चों के धोखे की शिकार कई मां ने बताया कैसे खून पसीने की कमाई से जिन बच्चों को पाल पोसकर बड़ा किया, उन बच्चों को ही बुढ़ापे में मां-बाप बोझ लगने लगे, समाज का ये सच बहुत डराने वाला है, KIDDIES FOUNDATION ऐसे बेसहारा बुजुर्गों के लिए सहारा बनने का काम कर रही है।
