Monsoon Updates: मौसम विभाग ने इस बार मानसून में कुछ दिनों की देरी का पूर्वानुमान जताया था। लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि ताजा हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि मानसून सही दिशा में बढ़ रहा है। ये पोर्ट ब्लेयर से होता हुआ केरल की तरफ बढ़ेगा। स्काईमेट (Skymet) के अध्यक्ष जीपी शर्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने अंडमान सागर के अंदरुरी दक्षिणी हिस्से में विकसित होना शुरू कर दिया है।
वहीं, आईएमडी (IMD) के एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के प्रमुख डीएस पई ने कहा कि पूरे उत्तर-पूर्व भारतीय महासागर में मानसून मजबूत होने लगा है। इससे मानसून का फ्लो अगले तीन दिनों में बंगाल के दक्षिणी खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप की तरफ बढ़ेगा। इसके कारण इस क्षेत्र में कनवेक्शन (गर्म हवाओं बनने की प्रक्रिया) बन रहा है। ये दक्षिण-पूर्व अरब सागर की ओर भी फैल रहा है। दक्षिण अरब सागर के ऊपर मानसून के तैयार होने में करीब एक सप्ताह लगेगा।
मॉनसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल
पई ने कहा कि दक्षिण हिंद महासागर के ऊपर एक प्रणाली पहले भूमध्यरेखीय प्रवाह को अरब सागर के पार जाने की अनुमति नहीं दे रही थी। इसलिए, मानसून के 4 जून के आसपास ही केरल में स्थापित होने की संभावना जताई गई है। वहीं, शर्मा ने कहा कि हालांकि केरल में मॉनसून की शुरुआत जबरदस्त नहीं होने की संभावना है, लेकिन राज्य में इसके आने के हालात अनुकूल हो रहे हैं। मॉनसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं, जो एक सप्ताह पहले तक अनुपस्थित थीं।
7 जून से पहले आएगा मानसून
उन्होंने कहा कि क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो और इक्वेटोरियल क्षेत्र में रेन बैंड के बनने जैसे कारक बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल में मॉनसून की शुरुआत 7 जून की अनुमानित तारीख से अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है। यह पहले आ सकता है। शर्मा ने कहा कि तूफान अभी पश्चिम महासागर के ऊपर है और मई 20 तक इसके जापान सागर की तरफ बढ़ने की संभावना है। इस स्थिति के बनने के बाद मानसून के केरल पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा।
