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RSS शताब्दी वर्ष समारोह: संघ प्रमुख भागवत मुंबई से देंगे वैचारिक संदेश, हिंदू राष्ट्र पर फोकस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत 7 और 8 फरवरी को मुंबई में आयोजित होने वाली व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करेंगे। दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘नये क्षितिज’ का आयोजन मध्य मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर संवाद स्थापित करना है।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

Photo : Times Now Digital

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत 7 और 8 फरवरी को मुंबई में आयोजित होने वाली व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब देश में भारत की सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्र की अवधारणा और हिंदू राष्ट्र को लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस तेज है।

नये क्षितिज का कहां हो रहा आयोजन

दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘नये क्षितिज’ का आयोजन मध्य मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह इस श्रृंखला का अंतिम चरण होगा। इससे पहले यह कार्यक्रम नई दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में आयोजित किया जा चुका है। मुंबई संस्करण को संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में विशेष रूप से अहम माना जा रहा है।

कार्यक्रम का पूरा ब्योरा

कार्यक्रम में कुल चार सत्र होंगे। पहले दिन, 7 फरवरी को डॉ. भागवत का मुख्य व्याख्यान होगा, जबकि 8 फरवरी को उनके विचारों पर आधारित प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह मंच एकतरफा भाषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संवाद और वैचारिक विमर्श पर केंद्रित होगा।

किस-किसको किया गया आमंत्रित

आरएसएस कोंकण प्रांत के संघचालक अर्जुन चांदेकर के अनुसार, उद्योग, सिनेमा, कला, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा, कानून, खेल, शिक्षा और मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर संवाद स्थापित करना है।

Mohan Bhagwat

आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

कब तक मनाया जाएगा संघ का शताब्दी वर्ष समारोह

संघ का शताब्दी वर्ष 2025 की विजयदशमी से शुरू होकर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान देशभर में जनसंपर्क गतिविधियां, सामाजिक और बौद्धिक सभाएं तथा युवा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संघ अपने वैचारिक दृष्टिकोण को व्यापक समाज तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में डॉ. मोहन भागवत के उस बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता, क्योंकि भारत का जन्म ही इसी उद्देश्य से हुआ है। ऐसे में मुंबई में होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक वैचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की वैचारिक दिशा और राजनीतिक विमर्श के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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