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देश के 300 जिलों में होगी मॉक ड्रिल, न्यूक्लियर प्लांट, रिफाइनरी जैसे अहम प्रतिष्ठानों पर खास ट्रेनिंग, जानिए हर डिटेल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उभरे नए और जटिल खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है।

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7 मई को देश भर में होगी मॉक ड्रिल

Photo : PTI

Mock Drills In Nearly 300 Districts: पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच बुधवार 7 मई को देश के करीब 300 जिलों में मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया जाएगा। परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों, रिफाइनरी और जलविद्युत बांधों जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों वाले करीब 300 नागरिक सुरक्षा जिलों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन, शत्रुतापूर्ण हमले के लिए नागरिक प्रशिक्षण और बंकरों और खंदकों की सफाई के साथ बुधवार को मॉक ड्रिल का आयोजन होगा।

मॉक अभ्यास करने पर विस्तार से चर्चा

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में लोगों की सक्रिय सहभागिता के साथ मॉक अभ्यास करने पर विस्तार से चर्चा की गई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उभरे नए और जटिल खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है। सभी राज्यों में अधिकारी मॉक ड्रिल के दौरान शिक्षण संस्थानों के छात्रों, सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारियों, अस्पताल कर्मचारियों, रेलवे और मेट्रो अधिकारियों के अलावा पुलिस, अर्द्धसैनिक और रक्षा बलों के वर्दीधारी कर्मियों को भी शामिल करेंगे।

सूत्रों ने कहा, नागरिक सुरक्षा जिले और सामान्य प्रशासनिक जिले भिन्न होते हैं। किसी भौगोलिक क्षेत्र में छावनी, रिफाइनरी या परमाणु संयंत्र होने पर उसे आवश्यकता और तात्कालिकता के आधार पर नागरिक सुरक्षा जिले के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। ऐसे जिलों को संबंधित राज्य प्राधिकारियों द्वारा नामित किया जाता है, और हमारा मानना है कि देश भर में लगभग 300 ऐसे नागरिक सुरक्षा जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।

जानिए अहम बातें

  • 300 जिलों में बुधवार को मॉक ड्रिल
  • परमाणु संयंत्र रिफाइनरी डैम और सैन्य ठिकानों पर मॉक ड्रिल
  • एयर रेड सायरन से दी जाएगी हमले की चेतावनी
  • बंकर खंदकों की सफाई और लोगों को हमले से बचाव का प्रशिक्षण
  • स्कूल कॉलेज अस्पताल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी अभ्यास में शामिल
  • होम गार्ड एनसीसी एनएसएस और वालंटियर्स भी होंगे शामिल
  • देशभर में नागरिक सुरक्षा की तैयारियों का होगा परीक्षण
  • एयरफोर्स के साथ हॉटलाइन रेडियो लिंक भी टेस्ट होंगे

वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मॉक ड्रिल के संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में 19 जिलों की पहचान

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल के लिए राज्य में 19 जिलों की पहचान की है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे राज्य के सभी जिलों में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा, हमें सात मई को आयोजित होने वाले नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल के लिए भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुए हैं। 19 जिलों की पहचान की गई है, जिनमें एक जिला ए श्रेणी में है, दो सी श्रेणी में हैं, और शेष जिले डी श्रेणी में हैं। हालांकि, संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों में मॉक ड्रिल की जाएगी और पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन, आपदा मोचन बल आदि सब इसमें भाग लेंगे।

गृह मंत्रालय के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, लोगों को शत्रु के हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों और खंदकों की सफाई करना शामिल है। अन्य कदमों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट’ के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अपडेट करना और उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है। मॉक ड्रिल में वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो-संचार लिंक का संचालन, नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का परीक्षण भी शामिल है।

गांव स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से आयोजन

अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड महानिदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है, मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में नये और जटिल खतरे/चुनौतियां उभरी हैं, इसलिए यह समझदारी होगी कि राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में हर समय इष्टतम नागरिक सुरक्षा तैयारियां रखी जाएं। इस अभ्यास का आयोजन गांव स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी का आकलन करना और उसे मजबूत करना है।

पत्र में कहा गया है कि इस अभ्यास में जिला नियंत्रकों, विभिन्न जिला प्राधिकारियों, नागरिक सुरक्षा वार्डन, स्वयंसेवकों, होमगार्ड, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS), कॉलेज और स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी की परिकल्पना की गई है। उसने कहा, उक्त नागरिक सुरक्षा अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न नागरिक सुरक्षा उपायों के परिचालन के प्रभाव और समन्वय का आकलन करना है।

पहलगाम हमले के बाद भारत सख्त

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा अपने विकल्पों पर विचार करने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। पीएम मोदी ने हमले को अंजाम देने वालों और इसकी साजिश रचने वालों का पृथ्वी के आखिरी छोर तक पीछा करने और उन्हें उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा देने का संकल्प जताया है। (पीटीआई)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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