Mock drill of 7 May: पाकिस्तान से तनातनी के बीच हमले की स्थिति में बचने के उपायों के तहत बुधवार 7 मई को देश भर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है। बुधवार को गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर 244 सिविल डिफेंस जिलों में राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल होने जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ये फैसला लिया गया है ताकि लोग किसी भी तरह के हमले की स्थिति में तैयार रहें। मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करना, नागरिकों को आत्मरक्षा में प्रशिक्षित करना और बचने के उपाय करने जैसे कई अभ्यास शामिल होंगे।
क्या-क्या असुविधाएं हो सकती हैं?
नागरिकों को अल्पकालिक बिजली कटौती, ब्लैकआउट सिमुलेशन, सायरन और कुछ सार्वजनिक में पाबंदी का सामना करना पड़ सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि क्या इससे आपका रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकता है। क्या मॉक ड्रिल के कारण यातायात, दैनिक आवाजाही प्रभावित होगी? भले ही मॉक ड्रिल पूरे देश में किए जाएगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, ट्रेन, बसें और उड़ानें सहित दैनिक सेवाएं निर्धारित समय पर चलती रहेंगी। हालांकि कहीं पहुंचने में कुछ देरी हो सकती है, या ट्रैफिक जाम लग सकता है, या सड़कें अस्थायी रूप से बंद हो सकती हैं।
क्या 7 मई को होगा ब्लैकआउट?
ड्रिल के दौरान लोगों को अस्थायी ब्लैकआउट, मोबाइल सिग्नल के निलंबन का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि निर्देशों में से एक में क्रैश ब्लैकआउट की भी बात कही गई है। इसका मतलब है कि कुछ क्षेत्रों में बिजली और बुनियादी ढांचे का आपातकालीन शटडाउन हो सकता है। लेकिन पूरी तरह ब्लैकआउट की स्थिति नहीं होगी। असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
क्या बैंक बंद रहेंगे?
देश भर में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल के बावजूद पूरे भारत में बैंक खुले रहने और सामान्य समय के अनुसार काम करने की उम्मीद है। 7 मई बुधवार को बैंकों के बंद होने के संबंध में कोई अधिसूचना या आदेश नहीं दिया गया है।
क्या मॉक ड्रिल के कारण स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे?
स्कूलों या कॉलेजों द्वारा 7 मई को छुट्टी घोषित करने या ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने के बारे में कोई अपडेट नहीं है। स्कूल/कॉलेजों को बंद करने के संबंध में कोई आधिकारिक आदेश अभी तक जारी नहीं किया गया है। हालांकि, छात्रों को अपने स्कूलों से संपर्क में रहना चाहिए।
यह भी संभव है कि स्कूलों और कॉलेजों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा सोमवार को साझा किए गए दृश्यों में जम्मू के स्कूली छात्रों को हवाई हमले की चेतावनी के जवाब में अपने डेस्क के नीचे शरण लेते हुए और अन्य आपातकालीन उपायों के बारे में निर्देश देते हुए दिखाया गया।
केंद्रीय गृह सचिव ने की उच्चस्तरीय बैठक
वहीं, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में लोगों की सक्रिय सहभागिता के साथ मॉक अभ्यास करने पर विस्तार से चर्चा की गई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उभरे नए और जटिल खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है। सभी राज्यों में अधिकारी मॉक ड्रिल के दौरान शिक्षण संस्थानों के छात्रों, सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारियों, अस्पताल कर्मचारियों, रेलवे और मेट्रो अधिकारियों के अलावा पुलिस, अर्द्धसैनिक और रक्षा बलों के वर्दीधारी कर्मियों को भी शामिल करेंगे।
सूत्रों ने कहा, नागरिक सुरक्षा जिले और सामान्य प्रशासनिक जिले भिन्न होते हैं। किसी भौगोलिक क्षेत्र में छावनी, रिफाइनरी या परमाणु संयंत्र होने पर उसे आवश्यकता और तात्कालिकता के आधार पर नागरिक सुरक्षा जिले के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। ऐसे जिलों को संबंधित राज्य प्राधिकारियों द्वारा नामित किया जाता है, और हमारा मानना है कि देश भर में लगभग 244 ऐसे नागरिक सुरक्षा जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
