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मौसम अलर्ट! हिमाचल प्रदेश के मौसम से जुड़ा बड़ा अपडेट, इन 7 जिलों के लिए 'ऑरेंज' चेतावनी जारी

Himachal Pradesh Weather Updates: हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज' चेतावनी जारी की है। इन जिलों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन शामिल हैं। बारिश के चलते कई जिलों की सड़कें प्रभावित हुई हैं और ट्रैफिक की समस्या खड़ी हो गई है।

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हिमाचल प्रदेश के 7 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट।

Photo : iStock

Weather Update: हिमाचल प्रदेश में शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को भारी वर्षा हुई तथा मौसम विभाग ने सप्ताहांत में राज्य के 12 में से सात जिलों में अलग-अलग स्थानों पर ‘भारी वर्षा’ होने, गरज के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने का संकेत देते हुए ‘ऑरेंज’ चेतावनी जारी की। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने, गरज के साथ बौछारें पड़ने, बिजली गिरने की ‘येलो’ चेतावनी भी जारी की। साथ ही अगले बृहस्पतिवार तक राज्य में वर्षा होते रहने का अनुमान व्यक्त किया। दक्षिण पश्चिम मानसून बृहस्पतिवार को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में पहुंचा। वैसे मानसून पहुंचने में पांच दिनों की देरी हुई है।

इन 7 जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार के वास्ते चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ चेतावनी जारी की। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को दिन में शिमला में कई स्थानों पर नालों से मलबा सड़क पर आ गया तथा मलयाना सुराला रोड पर एक नाले के समीप तीन वाहन मलबे में दब गये, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार एक अन्य घटना में कांगड़ा में दो सड़कें तथा किन्नौर एवं कुल्लू जिलों में एक-एक सड़क वर्षा के बाद यातायात के लिए अवरुद्ध हो गयी।

शिमला और आसपास के इलाकों में भारी बारिश

राज्य की राजधानी शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई है। शिमला में 84 मिलीमीटर और उपनगरीय क्षेत्र जुब्बारहट्टी में 136 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, गोहर में 42 मिलीमीटर, माशोबरा में 39.5 मिलीमीटर, स्लापर में 34.6 मिलीमीटर, कुफरी और शिलारू में 24.2 मिलीमीटर, सराहन और बर्थिन में 22 मिलीमीटर, घागस में 18.8 मिलीमीटर, कारसोग में 18.2 मिलीमीटर, काहू में 16 मिलीमीटर और पंडोह में 12 मिलीमीटर वर्षा हुई।

'बादल फटने के बाद बढ़ता है जलस्तर'

मौसम विभाग ने तेज हवा और वर्षा से बागानों, बागवानी, खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने, कमजोर पड़ गये ढांचों और मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिले में चोपाल के समीप नेरवा से नुकसान की खबर आने की बात कही है। उन्होंने कहा, 'मैं राज्य के लोगों से नदियों एवं नालों से दूर रहने का अनुरोध करता हूं, क्योंकि बादल फटने के बाद जलस्तर बढ़ता है जो घातक हो सकता है, ऐसे में लोग सावधानी बरतें।'

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानसून से उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मियों से सक्रिय रहने को कहा गया है और मैं भी स्थिति का जायजा ले रहा हूं।'

नितिन गडकरी से विक्रमादित्य सिंह ने की मुलाकात

इस बीच राज्य के लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की और उनसे आगामी मानसून में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ने वाली लोकनिर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए उनके द्वारा घोषित 150 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। कुल्लू जिले के भूंतर 37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तामपान के साथ सबसे गर्मस्थान रहा जबकि जनजातीय लाहौल एवं स्पीति में कुकुमसेरी 8.1 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडी जगह रही।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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