देश की राजनीति में इन दिनों बयानों की तीखी तीरअंदाजी जारी है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि देश में परिसीमन (Delimitation) कराने से कहीं ज्यादा जरूरी और अहम काम हमारी सीमाओं की रक्षा करना है।
अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा सवाल दागा। उन्होंने कहा, "क्या बीजेपी के लोग यह बता सकते हैं कि साल 2014 में भारत का कुल क्षेत्रफल कितना था और आज देश के पास कितनी जमीन बची है?" उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश की सुरक्षा या सीमाओं से जुड़ा कोई गंभीर सवाल पूछा जाता है, तो भाजपा सरकार जवाब देने के बजाय उलटे सवाल दागकर मुख्य मुद्दे को गोलमाल कर देती है।
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देश का संविधान सुरक्षित रहना जरूरी-सपा मुखिया
संविधान और लोकतंत्र की अहमियत पर जोर देते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर देश का संविधान सुरक्षित रहेगा, तभी आम नागरिकों को उनके अधिकार, आजादी और लोकतंत्र की सांस मिलेगी। भाजपा लगातार लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी 'PDA' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगी और सामाजिक न्याय के रास्ते पर चलते हुए लोगों को एकजुट करने का काम करेगी।
वंदे मातरम विवाद पर क्या बोले अखिलेश यादव?
हाल ही में कांग्रेस मुख्यालय पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर उपजे विवाद पर भी अखिलेश ने प्रतिक्रिया दी। दरअसल, भाजपा नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरे वंदे मातरम के गायन पर आपत्ति जताई थी। हालांकि कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ कार्यक्रम के सही प्रबंधन से जुड़ा मामला था। अखिलेश यादव के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में सीमा सुरक्षा, संविधान की रक्षा और महिला आरक्षण से जुड़ा परिसीमन का मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक राजनीति के केंद्र में रहने वाला है।
