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महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला ने नजरबंदी का किया दावा, PDP प्रमुख ने बंद गेट की तस्वीर की साझा

Jammu and Kashmir: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने खुद की नजरबंदी का दावा किया है। दोनों दिग्गज नेताओं ने एक्स पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी।

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PDP प्रमुख ने बंद गेट की तस्वीर की साझा

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • महबूबा मुफ्ती ने नजरबंदी का किया दावा
  • अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर नजरबंदी की दी जानकारी
  • लोन ने एक्स पर लिखा कि बिना किसी कारण के घर में नजरबंद कर दिया गया।

Jammu and Kashmir: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला सहित जम्मू-कश्मीर के कई राजनीतिक नेताओं ने शनिवार को दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें सेना द्वारा कथित रूप से मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने से रोकने के लिए घर में नजरबंद कर दिया है। मुफ्ती ने एक्स पर लिखा कि यह हमारे अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। मुझे मजार-ए-शुहादा जाने से रोकने के लिए मेरे घर के दरवाजे फिर से बंद कर दिए गए हैं- जो सत्तावाद, उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ कश्मीर के प्रतिरोध और लचीलेपन का एक स्थायी प्रतीक है। हमारे शहीदों का बलिदान इस बात का प्रमाण है कि कश्मीरियों की भावना को कुचला नहीं जा सकता। आज इस दिन शहीद हुए प्रदर्शनकारियों की याद में इसे मनाना भी अपराध बन गया है।

उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर नजरबंदी की दी जानकारी

अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में न्यायपूर्ण, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक शासन स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने से लोगों को रोकने के लिए पुलिस ज्यादतियों पर भी नाराजगी व्यक्त की। एक और 13 जुलाई, शहीद दिवस, बंद दरवाजों और पुलिस ज्यादतियों का एक और दौर लोगों को उन लोगों को श्रद्धांजलि देने से रोकने के लिए जिन्होंने जेके में न्यायपूर्ण, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक शासन स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। देश के बाकी हिस्सों में भी इन लोगों का जश्न मनाया जाता लेकिन जेके में प्रशासन इन बलिदानों को नजरअंदाज करना चाहता है। यह आखिरी साल है जब वे ऐसा कर पाएंगे। इंशाअल्लाह अगले साल हम 13 जुलाई को उस गंभीरता और सम्मान के साथ मनाएंगे जिसका यह दिन हकदार है।

Omar Abdullah-Mehbooba Mufti

Omar Abdullah-Mehbooba Mufti

लोन ने एक्स पर लिखा कि बिना किसी कारण के घर में नजरबंद कर दिया गया। मैं वास्तव में यह समझने में विफल हूं कि लोगों को शहीदों की कब्र पर जाने से रोकने से प्रशासन को क्या मिलता है। लोगों को अपने नायकों को चुनने का अधिकार है। और शहीद कश्मीर के लोगों के नायक हैं। क्यों इनकार किया जाए और आखिर एक गैर-निवासी सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने की क्या जरूरत है। वास्तव में यह मानना कि सरकार यह तय करेगी कि ऐतिहासिक रूप से क्या वीरतापूर्ण रहा है और ऐतिहासिक नायक कौन हैं, निरंकुशता का एक स्पष्ट संकेत है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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