देश

Maharashtra: महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के 167 मामले आए सामने, 48 मरीज ICU में भर्ती; जानें क्या होता है ये सिंड्रोम

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में अब तक गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के कुल 192 संदिग्ध मामले पाए गए हैं, जिनमें 167 मामलों की पुष्टि हुई है। लियन-बैरे सिंड्रोम एक ऑटोइम्यून स्थिति है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है।

Image

महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के कई मामले आए सामने

Photo : iStock

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में अब तक गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के कुल 192 संदिग्ध मामले पाए गए हैं, जिनमें 167 मामलों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, सात लोगों की मौत भी हो गई हैं, जिनमें से एक की जीबीएस के रूप में पुष्टि हुई, जबकि 6 संदिग्ध हैं। विभाग के अनुसार, मामले अलग-अलग क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिनमें पुणे नगर निगम (पीएमसी) से 39, पीएमसी क्षेत्र में नए जोड़े गए गांवों से 91, पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) से 29, पुणे ग्रामीण से 25 और अन्य जिलों से 8 मामले शामिल हैं। वर्तमान में 48 मरीज गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में हैं, जबकि 21 वेंटिलेटर पर हैं।

इससे पहले, 6 फरवरी को, पुणे नगर निगम (PMC) ने पुणे शहर के सिंहगढ़ रोड पर नांदेड़ गांव, धायरी और आसपास के इलाकों में 30 निजी जल आपूर्ति संयंत्रों को सील कर दिया था। इन क्षेत्रों की पहचान प्रकोप के केंद्र के रूप में की गई है। 6 फरवरी को पीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले दो दिनों में इन संयंत्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पीने के लिए अनुपयुक्त पाए गए पानी के नमूने एकत्र करने के बाद पीएमसी ने इन संयंत्रों के खिलाफ कार्रवाई की थी। कुछ संयंत्रों के पास संचालन की उचित अनुमति नहीं थी, जबकि अन्य एस्चेरिचिया कोली बैक्टीरिया से दूषित थे। इसके अतिरिक्त, कुछ संयंत्र संदूषण को नियंत्रित करने के लिए कीटाणुनाशक और क्लोरीन का उपयोग नहीं कर रहे थे।

जानें क्या होता है GBS

3 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने महाराष्ट्र के प्रमुख स्वास्थ्य और चिकित्सा मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किए जा रहे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की समीक्षा की, जिसमें जीबीएस से प्रभावित रोगियों का परीक्षण और उपचार शामिल है। बता दें, गिलियन-बैरे सिंड्रोम एक ऑटोइम्यून स्थिति है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और गंभीर मामलों में पक्षाघात जैसे लक्षण होते हैं।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article