Manipur Violence : मणिपुर की हिंसा एवं दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की घटना को लेकर विपक्ष, सरकार पर हमलावर है। विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि पूर्वोत्तर में यदि अस्थिरता है तो यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। भारत के सीमावर्ती राज्यों की शांति में जब खलल पड़ता है तो इसका नकारात्मक एवं दूरगामी असर होता है। प्रधानमंत्री जब यह कहते हैं कि इस तरह की घटनाओं से देश का सिर शर्म से झुक जाता है तो उन्हें सदन में यही बात कहने में दिक्कत क्यों है?
'प्रधानमंत्री ईस्ट इंडिया कंपनी की बात कर रहे हैं'
इससे पहले प्रश्नकाल में ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संबंध में करीब 50 सदस्यों ने नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विपक्षी सदस्य चार दिन से लगातार चर्चा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है और वहां महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं और मकान जलाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मणिपुर की बात कर रहा है वहीं प्रधानमंत्री ईस्ट इंडिया कंपनी की बात कर रहे हैं।
किसी भी महिला के साथ अत्याचार दुर्भाग्यपूर्ण-गोयल
खरगे की बात का जवाब देते हुए सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि किसी भी महिला के साथ अत्याचार होता है तो वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय के साथ छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं पर चर्चा चाहती है।
मणिपुर हिंसा का असर दूसरे राज्यों पर भी-खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संसद में मणिपुर की स्थिति के बारे में विस्तृत बयान देना चाहिए और देश को भरोसे में लेना चाहिए। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों की बैठक के बाद खरगे ने यह भी कहा कि मणिपुर में जो रहा है वह इस सीमावर्ती राज्य के लिए अच्छा नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘पूर्वोत्तर में हालात नाजुक हैं और मणिपुर हिंसा का असर दूसरे राज्यों पर भी पड़ता दिख रहा है। यह हमारे संवेदनशील सीमावर्ती राज्यों के लिए अच्छा नहीं है। अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अपना अहंकार त्यागें और मणिपुर पर देश को विश्वास में लें।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी को बताना चाहिए कि उनकी सरकार हालात सुधारने के लिए क्या कर रही है और मणिपुर में हालात कब सामान्य होंगे।’
