दिल्ली के पूर्व उप मुख्य मनीष सिसोदिया शनिवार को अपनी बीमार पत्नी से मिलने जेल से कुछ घंटों के लिए बाहर आए थे, कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें यह राहत मिली थी, लेकिन करीब दो महीने बाद भी सिसोदिया की ये इच्छा अधूरी रह गई। वो बिना पत्नी से मिले ही तिहाड़ जेल के लिए रवाना हो गए। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली आबकारी नीति मामले में 7 घंटे की अंतरिम राहत दी गई थी।
सुबह पहुंचे थे घर
आज मनीष सिसोदिया सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जमानत मिलने के बाद सुबह दिल्ली के मथुरा रोड स्थित अपने आवास पहुंचे। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही उनकी पत्नी की तबीयत और खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जिसके कारण सिसोदिया बीमार पत्नी से नहीं मिल सके। सिसोदिया की पत्नी मल्टीपल स्केलेरोसिस से पीड़ित हैं।
अब जमानत की मांग
इस घटना के बाद सिसोदिया एक बार फिर से कोर्ट के दरवाजे पर पहुंचे और राहत की मांग की। सिसोदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा को बताया कि शुक्रवार को पारित अदालत के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को उनकी पत्नी से मिलाने के लिए ले जाया गया, लेकिन उनके घर पहुंचने से पहले ही उनकी पत्नी की तबियत खराब हो गई, जिन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस प्रकार माथुर ने अदालत से सिसोदिया को अस्थायी आधार पर रिहा करने का अनुरोध किया और कहा कि वह अपनी बीमार पत्नी की देखभाल करने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं।
कोर्ट ने क्या कहा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिसोदिया की इस याचिका के बाद एलएनजेपी अस्पताल से आप नेता मनीष सिसोदिया की बीमार पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में रिपोर्ट मांगी। साथ ही कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धनशोधन के एक मामले में छह सप्ताह के लिए सिसोदिया की अंतरिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया।
