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Manipur Violence: मणिपुर में आठ सितंबर को अगवा पूर्व सैनिक का मिला शव

manipur violence update: मारे गए पूर्व सैनिक के बेटे थांगमिनलुन माटे ने कांगपोकपी जिले के गमनोम सापरमेना पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें दावा किया गया कि उनके पिता का संदिग्ध उग्रवादियों ने उस समय अपहरण कर लिया, जब वह रविवार को शांतिपुर में घरेलू सामान खरीदने गए थे।

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फाइल फोटो

Photo : BCCL

manipur violence update: मणिपुर के शांतिपुर इलाके में आठ सितंबर को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए सेना के सेवानिवृत्त एक जवान का शव तलाशी के बाद सोमवार को मिला। एक पुल‍िस अधिकारी ने यह जानकारी दी।पुलिस अधिकारी ने बताया कि लिमलाल माटे का शव सोमवार को इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिलों के बीच एक सीमांत क्षेत्र में मिला।हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत का विवरण नहीं दिया है।

थांगमिनलुन माटे ने एफआईआर में कहा, 'आज (सोमवार) मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि मेरे पिता की फुमलोउ क्षेत्र में हत्या कर दी गई।' उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।कुकी समुदाय के स्थानीय लोगों ने बताया कि सेना के पूर्व हवलदार माटे कांगपोकपी जिले के मोटबुंग गांव के निवासी थे और रविवार को गलती से कार चलाते हुए बफर जोन पार कर सेकमाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। संदेह जताया जा रहा है क‍ि मेट की हत्या की गई है।

जातीय हिंसा भड़कने के बाद से, दोनों समुदायों के बीच झड़पों को रोकने के लिए मैतेई समुदाय के प्रभुत्व वाली घाटियों और कुकी समुदाय के निवास वाले पहाड़ी क्षेत्रों पर केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। पिछले वर्ष तीन मई को जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचते रहे हैं। एक सितंबर से राज्य में हिंसा बढ़ गई है। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों सहित कम से कम 10 लोग मारे गए हैं और 20 से अधिक घायल हुए हैं।

असम राइफल्स, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और मणिपुर पुलिस के संयुक्त सुरक्षा बलों ने भी आतंकवादियों को पकड़ने के लिए राज्य भर में अपने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं।मणिपुर सरकार ने 6 सितंबर से हवाई गश्त करने के लिए एक सैन्य हेलिकॉप्टर को सेवा में लगाया है और उग्रवादियों के ड्रोनों को रोकने के लिए ड्रोन रोधी प्रणाली तैनात की है। मणिपुर में बढ़ती हिंसा के विरोध में हजारों महिलाएं, छात्र और विभिन्न नागरिक समाज संगठन कुछ दिनों से विरोध रैलियां कर रहे हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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