Manipur Video Parade: मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो स्तब्ध करने वाला है। संसद से लेकर सड़क तक इस वायरल वीडियो पर घमासान मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इसके बाद से अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, इस मामले में एक और तथ्य निकलकर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस जगह पर यह घटना हुई, उससे महज एक किलोमीटर की दूरी पर भारत का बेस्ट नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन मौजूद था।
2020 में मिला था बेस्ट पुलिस स्टेशन का खिताब
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय की ओर से 2020 में नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन को देश में सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन के खिताब से नमाजा गया था। यह पुलिस स्टेशन उस जगह से महज एक किलोमीटर दूर है, जहां भीड़ ने कुकी समुदाय की महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया था।
गांव में घुसे थे 1000 हमलावर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 4 मई का है। जानकारी के मुताबिक, कांगपोकपी के बी फाईनॉम गांव में करीब 1000 सशस्त्र हमलावर दाखिल हुए थे। जिन महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया, उसमें से एक की मां ने बताया कि हमलावरों के डर से गांव के पांच लोग जंगल में छिप गए थे। भीड़ ने पहले उसके पति और भाई को मार डाला और इसके बाद उनकी बेटी को निर्वस्त्र कर परेड कराई। उन्होंने बताया, हमारे घरों को जला दिया गया है, हम शायद अब कभी गांव नहीं लौट पाएं।
घटना पर भड़का नागा समुदाय
मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी का वीडियो सामने आने के बाद नागा समुदाय ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। नागा समुदाय के नेताओं ने कहा है कि हमारे लोगों के खिलाफ इतना जघन्य और क्रूर अपराध अस्वीकार्य है और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की है। एनपीएफ नेता अवांगबो न्यूमई ने कहा, मणिपुर संघर्ष में सीधे तौर पर नागा समुदाय शामिल नही है, लेकिन यह समुदाय भी प्रभावित हो रहा है। शांति के प्रयास विफल हो रहे हैं और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है।
