देश

मणिपुर के पांच जिलों में बहाल हुई ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा, छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद लगाया गया था बैन

Manipur News: मणिपुर सरकार ने उग्रवादियों के हमलों से निपटने में कथित रूप से विफल रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कारण 10 सितंबर से 15 सितंबर तक ब्रॉडबैंड और मोबाइल डेटा समेत इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय लिया था।

Image

मणिपुर के पांच जिलों में बहाल हुई ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा

Photo : BCCL

Manipur News: मणिपुर सरकार ने इंफाल घाटी के पांच जिलों में सभी प्रकार की इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के तीन दिन बाद, कई नियमों और शर्तों को पूरा करने पर ब्रॉडबैंड सेवाओं पर से पाबंदी हटा दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आयुक्त (गृह) एन. अशोक कुमार ने एक अधिसूचना के जरिए बताया, राज्य सरकार ने ब्रॉडबैंड सेवा (आईएलएल और एफटीटीएच) पर लगी रोक को उदारतापूर्वक हटाने का निर्णय लिया है, बशर्ते कि नियम व शर्तें पूरी की जाएं।

अधिसूचना में कहा गया है, कनेक्शन का संचालन स्टेटिक आईपी के माध्यम से होगा और संबंधित ग्राहक को वर्तमान में स्वीकृत कनेक्शन के अलावा किसी अन्य कनेक्शन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। अधिसूचना के अनुसार, किसी भी राउटर से वाईफाई/हॉटस्पॉट इस्तेमाल करने अनुमति नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर सब्सक्राइबर को सोशल मीडिया तथा वीपीएन को ब्लॉक रखना होगा।

10 सितंबर से 15 सितंबर तक इंटरनेट पर लगाई गई थी रोक

राज्य सरकार ने हालांकि सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सूचना एवं अफवाहों के फैलने की आशंका के मद्देनजर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगी जारी रखने का फैसला किया है। राज्य सरकार के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट डेटा सेवा जारी रहने से आंदोलकारियों एवं प्रदर्शनकारियों के एकजुट होने की संभावना है तथा इसके चलते जनहानि और सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति के नुकसान की आशंका है। राज्य सरकार ने उग्रवादियों के हमलों से निपटने में कथित रूप से विफल रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कारण 10 सितंबर से 15 सितंबर तक ब्रॉडबैंड और मोबाइल डेटा समेत इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय लिया था। प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बलों और छात्रों की झड़प हुई, जिसमें छात्र एवं पुलिसकर्मियों समेत 80 से अधिक लोग घायल हुए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article