Manipur Latest News: मणिपुर के मसले पर शनिवार (29 जुलाई, 2023) को सियासी रार देखने को मिली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद सुष्मिता देव ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के साथ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को घेरा। उन्होंने दो टूक कहा कि ठाकुर सिर्फ पीएम को खुश करने में लगे हैं। यही वजह है कि वह इतना अधिक गिर गए हैं कि उन्हें मणिपुर के जख्म नहीं नजर आ रहे। वह महिला रेसलर्स के मुद्दे पर तो बोले नहीं, इस मुद्दे पर क्या ही बोलेंगे।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ठाकुर ने भी विपक्षी नेताओं के दौरे को सिर्फ दिखावा और नौटंकी करार दिया। ठाकुर ने सवाल उठाया कि जो लोग मणिपुर के दौरे पर हैं, उन्हें अगर इतनी ही चिंता है और वे गंभीर हैं तो फिर वे पश्चिम बंगाल क्यों नहीं गए?
मणिपुर के मसले पर ये सारी सियासी बयानबाजी तब देखने को मिली जब शनिवार (29 जुलाई) को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बैनर तले एक दल सूबे के दंगा प्रभावित चुराचांदपुर शहर का दौरा करने पहुंचा था, जहां नेताओं ने कुकी लीडर्स और नागरिक समाज के सदस्यों के अलावा राहत शिविरों में जातीय हिंसा के पीड़ितों से भेंट की।
देव ने मीडिया को बताया, ‘‘हर किसी की आवाज सुनी जानी चाहिए। हम कुकी और मेइती दोनों से बात करेंगे।’’ इस बीच, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राहत कैंप में जाने के बाद कहा, ‘‘वे (अपराधों की) सीबीआई जांच की बात कर रहे हैं... मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वे (केंद्र सरकार) अब तक सो रहे थे?’’ लोकसभा में कांग्रेस के उप-नेता गौरव गोगोई ने बताया, ‘‘हम शांति का संदेश देने आए हैं।’’
दरअसल, मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें अब तक (खबर लिखे जाने तक) 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सूबे की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है। वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे ज्यादातर पर्वतीय जिलों में रहते हैं। (एएनआई, पीटीआई और भाषा इनपुट्स के साथ)
