नगा समुदाय के उन 6 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के मुर्दाघर में लाया गया है। इन लोगों को कथित तौर पर 13 मई, 2026 को लेइलोन वाइफेई गांव से ग्रामीणों ने अगवा कर लिया था। लियांगमाई नगा काउंसिल अध्यक्ष टिमोथी विजुनामेई ने कहा, हमें अभी-अभी 6 शव मिले हैं, कुकी नार्को-आतंकवादियों ने 13 मई को इन लोगों का अपहरण किया था और हमें गहरा सदमा लगा है कि आज हमें उनके शव मिले हैं। हम बुरी तरह टूट चुके हैं और सदमे में हैं कि उन्हें किस तरह मारा गया। शव तो आ गए हैं, लेकिन हमने अभी तक उनकी पहचान नहीं की है, हम चेहरा देखकर पहचान होने का इंतजार कर रहे हैं। हमें असल स्थिति का ठीक-ठीक पता नहीं है, लेकिन यह बहुत निराशाजनक है। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया
मणिपुर के इम्फाल पूर्व में जवाहरलाल आयुर्वेद संस्थान (JNIMS) के मुर्दाघर के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। यह प्रदर्शन तब हुआ जब 13 मई को लेइलोन वाइफेई गांव से कथित तौर पर अगवा किए गए छह नागा ग्रामीणों के शव यहां लाए गए। मणिपुर पुलिस के अनुसार, व्यापक तलाशी अभियान के बाद छह लोगों के शव बरामद किए गए, जिनके बारे में माना जाता है कि वे 13 मई को लेइलोन वाइफेई गांव से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे।
मणिपुर पुलिस ने एक बयान में कहा, मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के लगभग 450 कर्मियों द्वारा खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञ टीमों की सहायता से लगभग 24 घंटे के निरंतर तलाशी अभियान के बाद, आज दोपहर छह लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों के बारे में माना जाता है कि वे 13 मई, 2026 को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे।
पुलिस ने आगे कहा कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और मामले की जांच जारी है। इम्फाल पूर्व स्थित जेएनआईएमएस के मुर्दाघर में छह नागा व्यक्तियों के शवों को लेने के लिए सैकड़ों लोग जमा हुए। कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जेएनआईएमएस परिसर और उसके आसपास भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने मणिपुर में छह नागा पुरुषों के शव मिलने पर दुख व्यक्त किया और हत्याओं की निंदा करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
कोनराड संगमा ने की कड़ी निंदा, न्याय की मांग
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष एवं मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने मणिपुर में नगा समुदाय के छह लोगों की हत्या की घटना की बुधवार को कड़ी निंदा की और कहा कि इस जघन्य वारदात के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे लाकर सख्त सजा दी जानी चाहिए। अपने बयान में संगमा ने इन हत्याओं को बेहद दुखद और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जताई।
उन्होंने कहा, मैं नगा समुदाय के छह लोगों की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हिंसा का यह कृत्य बेहद दुखद और पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मणिपुर पुलिस ने बुधवार को बताया कि उन्हें छह लोगों के शव बरामद हुए हैं जो लापता नगा पुरुष के बताए जाते हैं। इन लोगों को कांगपोकपी जिले में सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाकर रखा गया था। एनपीपी अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना इसलिए और भी दर्दनाक है क्योंकि यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) द्वारा संवाद व सुलह का माहौल बनाने के प्रयासों के बावजूद यह घटना हुई।
संगमा ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा, इस कठिन समय में मैं सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
