लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद भवन की सुरक्षा में आज एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। आज यानी शुक्रवार 22 अगस्त की सुबह एक व्यक्ति पेड़ के सहारे संसद भवन परिसर में कूदने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कूदने की कोशिश कर रहे शख्स को CISF ने पकड़ लिया।
घटना आज यानी शुक्रवार 22 अगस्त की सुबह हुई, जब एक व्यक्ति संसद भवन परिसर की दीवार फांदकर परिसर के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह रेलभवन की तरफ से दीवार फांदकर संसद भवन परिसर में कूदने का प्रयास कर रहा था।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है। लोकसभा सेक्रेटरी जनरल और सुरक्षा अधिकारियों ने संसद भवन की सिक्योरिटी में हुई चूक की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दी है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह 5.50 बजे CISF और दिल्ली पुलिस ने संसद परिसर की दीवार के पास से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। जिस समय उस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, तब वह परिसर की दीवार फांदने की कोशिश कर रहा था। इस व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय राम कुमार बिंद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोप मानसिक रूप से विक्षिप्त लग रहा है और इस संबंध में आग की जांच की जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोप इस तरह से व्यवहार कर रहा है, जैसे वह मानसिक तौर पर स्थिर न हो। सूत्रों के अनुसार उसे तब पकड़ा गया, जब वह दीवार फांदने की कोशिश कर रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार वह गुजरात में एक दुकान पर काम करता था।
ताजा जानकारी के अनुसार आरोपी उत्तर प्रदेश के भदोही का मूल निवासी है। वह सूरत की एक फैक्टरी में काम करता है। वह तीन दिन पहले सूरत से निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। उसका कहना है कि रास्ते में उसका समान किसी ने छीन लिया।
आरोपी संसद के पास जामुन के पेड़ पर चढ़ा हुआ था और दीवार फांदने की कोशिश करते हुए CISF जवानों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस पूताछ में आरोपी राम कुमार बिंद बार-बार कह रहा है "भटक गया, भटक गया।"
जांच के दौरान वह किसी तरह के नशे के इंफ्लूएंस में लग रहा है, यह भी संभव है कि ट्रेन में जहर खुरानी गैंग ने उसे अपना निशाना बनाया हो। इसके भाई से एजेंसी के लोगों ने बातचीत कर ली है।
बता दें कि इससे पहले 13 दिसंबर 2001 को आतंकवादी लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद भवन परिसर में घुस आए थे। पांच आतंकियों ने संसद भवन परिसर में घुसने के बाद वहां ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। उस हमले में पांचों आतंकवादी मारे गए थे, जबकि आतंकवादियों ने 9 लोगों की हत्या कर दी थी। इस हमले में 18 लोग घायल भी हुए थे। आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
