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ममता बनर्जी की चुनाव आयोग से अपील, 'विरोधी गुट को न दें और समय, TMC विवाद की जल्द पूरी करें जांच'

चुनाव आयोग के 2 जुलाई के पत्र का हवाला देते हुए, ममता बनर्जी ने कहा कि उनके खेमे ने आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए बहुत कम समय मिलने के बावजूद 6 जुलाई की निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल कर दिया था।

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ममता बनर्जी की EC से अपील

Photo : PTI

TMC dispute- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक-अध्यक्ष ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (EC) से अपील की है कि वह पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण के स्वामित्व से जुड़े विवाद की जांच को जल्द से जल्द पूरा करे। ममता ने तर्क दिया है कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को अब और मोहलत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वे कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अपना जवाब दाखिल करने में विफल रहे हैं। बुधवार को चुनाव आयोग के सचिव अश्विनी कुमार मोहाल को लिखे एक पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि इस विवाद के पश्चिम बंगाल में गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं, इसलिए आयोग को इस कार्यवाही को जितनी जल्दी हो सके समाप्त कर देना चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?

यह पत्र ममता बनर्जी खेमे द्वारा उस लड़ाई में जल्द फैसला सुनाने की मांग का नवीनतम प्रयास है, जो यह तय करेगी कि किस गुट को असली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के रूप में मान्यता मिलेगी। इसी फैसले से यह भी तय होगा कि पार्टी का चुनाव चिह्न, संगठनात्मक पहचान और पार्टी की संपत्तियों व फंड पर किसका नियंत्रण होगा। यह लड़ाई ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुटों के बीच चल रही है।

ममता कैंप ने समय पर दिया जवाब

चुनाव आयोग के 2 जुलाई के पत्र का हवाला देते हुए, ममता बनर्जी ने कहा कि उनके खेमे ने आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए बहुत कम समय मिलने के बावजूद 6 जुलाई की निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल कर दिया था। पूर्व सीएम ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार, इस जवाब की एक प्रति विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को भी ईमेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से उसी समय भेज दी गई थी।

'विरोधी गुट के पास कोई जवाब नहीं'

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में चुनाव आयोग द्वारा विरोधी गुट को बार-बार समय दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए बताया- चुनाव आयोग ने 2 जुलाई को ऋतब्रत बनर्जी से भी 6 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा था। बाद में आयोग ने 7 जुलाई को एक सूचना के जरिए इस समय सीमा को 10 जुलाई तक बढ़ा दिया। इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी द्वारा 15 दिन का और समय मांगे जाने पर, आयोग ने 13 जुलाई के पत्र में उन्हें 25 जुलाई तक की मोहलत दे दी।

ममता ने कहा, 25 जुलाई 2026 बीत जाने के बाद भी, हमें यह सूचित नहीं किया गया है कि श्री ऋतब्रत बनर्जी ने अपना जवाब प्रस्तुत किया है या नहीं। यदि उन्होंने कोई जवाब दिया होता, तो उसकी प्रति हमें दी जाती। इसलिए, यह माना जा सकता है कि उन्होंने कोई जवाब दाखिल ही नहीं किया है। उन्होंने तर्क दिया कि विरोधी गुट के जवाब न देने का सीधा मतलब यह है कि उन्होंने 6 जुलाई को ममता कैंप द्वारा पेश किए गए सभी बयानों और दावों को स्वीकार कर लिया है और उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है।

'फर्जी सबूत गढ़ने का डर'

ममता बनर्जी ने विरोधी गुट को बार-बार मिल रहे एक्सटेंशन (विस्तार) पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि इस अतिरिक्त समय का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज और मनगढ़ंत सबूत तैयार करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 22 जून को चुनाव आयोग के सामने जो शुरुआती बातें विरोधी गुट ने रखी थीं, अब वे उससे बाहर जाकर कोई "नया मामला नहीं बना सकते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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