Jantar Mantar Protest: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली से लेकर राज्यों तक सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और उसके बाद विपक्षी नेताओं के धरने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का बड़ा बयान सामने आया है। ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को "अस्वीकार्य" बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है और विपक्षी दलों के प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कार्रवाई के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास अकबर रोड पर धरना दिया था। विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली में हमारे देश के युवाओं पर जो पुलिसिया अत्याचार हुआ है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस आज अकबर रोड के पास विपक्ष द्वारा दिए जा रहे धरने के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।
पीटीआई भाषा के मुताबिक दिल्ली के मुद्दे के साथ-साथ ममता बनर्जी ने कोलकाता की स्थानीय राजनीति पर भी बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता में टीएमसी के 'शहीद दिवस' कार्यक्रम की तैयारियों को बाधित करने के लिए बीजेपी के असामाजिक तत्वों ने रात भर गुंडागर्दी की। उन्होंने कहा कि बाइक सवारों ने आकर मंच में तोड़फोड़ की, माइक के तार काट दिए और टीएमसी कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की। हालांकि, इसके बावजूद पूरे राज्य से आए कार्यकर्ताओं की बदौलत कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
वहीं, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि एक संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष कोई राज्य का दुश्मन नहीं होता, बल्कि वह संविधान का एक अनिवार्य हिस्सा है। संवैधानिक पदों का सम्मान चयनात्मक नहीं होना चाहिए और ना ही जवाबदेही मांगने वालों को डराया-धमकाया जाना चाहिए।
