Mallikarjun Kharge Parliament: संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही देश का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए अपने तेवर पूरी तरह साफ कर दिए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है।
खड़गे ने एलान किया है कि इस सत्र में कांग्रेस पार्टी और पूरा साझा विपक्ष (INDIA अलायंस) देश की जनता की मुखर आवाज बनकर सरकार से हर मोर्चे पर तीखे सवाल पूछेगा और उसकी जवाबदेही तय करेगा।
राम मंदिर में चंदा चोरी और आस्था से धोखे की हो स्वतंत्र जांच
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने हमले की शुरुआत अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण से जुड़े गंभीर आरोपों से की। उन्होंने सीधे तौर पर चंदे में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा, 'चाहे श्री राम मंदिर में चंदा चोरी और आस्था से धोखे की बात हो - मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी और पवित्र कमाई पूरी आस्था के साथ अर्पित की थी। देश के उन करोड़ों राम भक्तों को न्याय मिलना चाहिए। सरकार को इस मामले में तत्काल एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करनी चाहिए और मंदिर निर्माण तथा चंदे का पूरा पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक करना चाहिए।'
धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो
देश की शिक्षा व्यवस्था और नीट-यूजी (NEET-UG) जैसी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर खड़गे ने केंद्र सरकार को बुरी तरह कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के "सुनियोजित पतन" का आरोप लगाते हुए बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे।
खड़गे ने दावा किया कि साल 2014 से लेकर अब तक देश में रिकॉर्ड 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिसके मानसिक तनाव के कारण 25 मासूम बच्चों ने अपनी जान गंवा दी है। खड़गे ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
क्या जनता की गाढ़ी कमाई की लूट ही भाजपा का एकमात्र औजार है?
इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के लगभग 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण की नीति को जबरन थोपे जाने का एक नया और गंभीर मुद्दा उठाया। खड़गे ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए लिखा, 'सरकार का कहना है कि यह एथेनॉल मिश्रण सिर्फ एक 'प्रयोग' है। लेकिन इस प्रयोग की आड़ में आम जनता की जेब काटी जा रही है। क्या देश की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटना ही अब भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र राजनीतिक और आर्थिक औजार रह गया है?'
वहीं, खड़गे ने साफ कर दिया है कि इन तीन प्रमुख मुद्दों के अलावा भी कई ऐसे अहम जनहित से जुड़े विषय और सरकार द्वारा लाए जा रहे बिल हैं, जो सीधे तौर पर देश की आम जनता को प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने पूरे विपक्ष की एकजुटता का भरोसा देते हुए कहा कि संसद के भीतर जनता के हक, उनकी आवाज और उनके अटूट विश्वास की यह लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ी जाएगी।
