Supreme Court on Malda Incident: मालदा घेराव घटना पर पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने ऑनलाइन पेश हुए। घेराव के मामले में चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी की नाकामी पर सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप जाकर कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से जाकर माफी मांगे।
CJI ने कहा कि ये शर्म की बात कि सचिवालय राजनीति का अड्डा बन गए हैं। जानबूझकर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई। पश्चिम बंगाल अफसरशाही का ये दुराग्रह वाला रवैया स्वीकार्य नहीं है।
पता लगाएं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार?
सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए और राज्य पुलिस न्यायिक अधिकारियों (ज्यूडिशियल ऑफिसर) के घेराव के घटना के लिए उकसाने वालों की पहचान करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह लोगों का अचानक से हुआ जमावड़ा नहीं था । इसके पीछे सोची समझी साजिश थी।पहले लोगों को उकसाया गया था पता लगाएं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हम इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना चाहते हैं।
धमकाने और घेरने की घटनाओं के संबंध में 3 FIR दर्ज
एनआईए (NIA) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि न्यायिक अधिकारियों को धमकाने और घेरने की घटनाओं के संबंध में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक घटना महिला अधिकारी को अंदर जाने से रोकने से संबंधित है। दूसरी घटना घेराव से संबंधित है।तीसरी घटना स्थानीय पुलिस की लापरवाही से संबंधित है। ये वे मामले हैं जिनमें न्यायिक अधिकारी सीधे तौर पर पीड़ित हैं।
विभिन्न क्षेत्रों की नाकाबंदी
- घेराव के संबंध में 9 अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
- एनआईए ने सभी एफआईआर की जांच करने की अनुमति मांगी है।
- अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने NIA को मामले की जांच का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश तब जारी किया जब उसे पता चला कि स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है क्योंकि इसमें शामिल अपराध एनआईए के अनुसूचित अपराधों (scheduled offence) की श्रेणी में नहीं आते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में राज्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को निर्देश दिया कि भले ही अपराध उसके अनुसूचित अपराधों की श्रेणी में न आते हों, फिर भी वह तुरंत मामले की जांच अपने हाथ में ले ले।
कोलकाता एनआईए कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी
आरोपपत्र दाखिल(चार्जशीट) करने से पहले, एनआईए को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामले की स्थिति संबंधी रिपोर्ट दाखिल करते रहना होगा, जिसमें घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'सुरक्षा बेहद जरूरी है
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया ताकि 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा सुनवाई की प्रक्रिया तैयार की जा सके। समिति का गठन आज किया जाएगा-प्रक्रिया कल तक अंतिम रूप दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पर कोई सवाल ही नहीं उठता फिलहाल पश्चिम बंगाल से केंद्रीय बलों को वापस बुलाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'सुरक्षा बेहद जरूरी है हमने पहले भी जो हुआ देखा है। हिंसा नहीं चाहते, पश्चिम बंगाल और चुनाव आयोग सुरक्षा स्थिति की निगरानी और चुनाव के बाद की हिंसा के संबंध में जवाब दाखिल करेंगे'
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