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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने BJP-RSS को बताया जहरीला सांप, भड़की भाजपा

Mallikarjun Kharge: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, अगर भारत में राजनीतिक रूप से सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह भाजपा और आरएसएस हैं। वे जहर की तरह हैं। अगर सांप काटता है तो वह व्यक्ति मर जाता है, ऐसे जहरीले सांप को मार देना चाहिए।

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मल्लिकार्जुन खड़गे।

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की तुलना जहरीले सांप से की है। खड़गे ने महाराष्ट्र के सांगली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, अगर भारत में राजनीतिक रूप से सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह भाजपा और आरएसएस हैं। वे जहर की तरह हैं। अगर सांप काटता है तो वह व्यक्ति मर जाता है, ऐसे जहरीले सांप को मार देना चाहिए।

अब कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान महाराष्ट्र के लोगों को भाजपा और उसके समर्थकों के खिलाफ भड़काने के लिए है। आज फिर साबित हो गया है कि अगर कांग्रेस-एमवीए सरकार सत्ता में आती है, तो उनका समर्थन न करने वाले लोगों की जान को खतरा होगा। उन्होंने कहा, मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान भड़काऊ है और चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। चुनाव आयोग को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

शाह और योगी पर भी निशाना साधा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दौराप भाजपा के साथ अमित शाह और योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार करने वाले नेताओं की संख्या, मैदान में उतरे उसके उम्मीदवारों की संख्या से अधिक है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री (अमित शाह) और अन्य नेता यहां आए हैं। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां थे। पता नहीं उन्हें क्या हुआ। उत्तर प्रदेश में झांसी के एक अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चे मर गए। इसके बावजूद महाराष्ट्र में उनकी जनसभाएं नहीं रुकीं।

मोदी जी की सत्त की भूख शांत नहीं हुई

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह विधानसभा का चुनाव है, देश का प्रधानमंत्री चुनने का नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘सत्ता की भूख’ अभी शांत नहीं हुई है। उन्होंने मोदी पर जातीय संघर्ष से जूझ रहे मणिपुर का दौरा न करने और इसके बजाय विदेश यात्रा करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, मोदी कल तक यहीं थे। आज वह विदेश में हैं। मणिपुर जल रहा है, लोग मर रहे हैं, आदिवासी महिलाओं का अपमान हो रहा है और महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है, लेकिन मोदी कभी मणिपुर नहीं गए। वह विदेश दौरे पर हैं। उन्होंने कहा, आज वह एक देश का दौरा भी कर रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पहले अपने घर का ख्याल रखें। पहले देश को मजबूत बनाएं। आप बाद में कहीं भी जा सकते हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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