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महाराष्ट्र: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सपकाल ने मांगी माफी, टीपू सुल्तान से की थी शिवाजी महाराज की तुलना, मचा था सियासी हंगामा

सपकाल ने शिवाजी महाराज के कुछ अनुयायियों की भावनाएं आहत होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह क्षमा मांग रहे हैं क्योंकि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

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हर्षवर्धन सपकाल ने मांगी माफी

Photo : PTI

छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने पर आलोचनाओं का सामना कर रहे महाराष्ट्र कांग्रेस समिति के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल मंगलवार को माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी के दुर्भावनापूर्ण एजेंडे के तहत सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।

कहा- इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी मूल टिप्पणी का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में विभिन्न राष्ट्रीय हस्तियों के चित्रों को एक साथ प्रदर्शित कर एकता को बढ़ावा देना था। सपकाल ने आरोप लगाया कि उनके भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से हटाकर सोशल मीडिया पर इस तरह फैलाया गया कि यह गलत धारणा बन गई कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से की थी। सपकाल ने शिवाजी महाराज के कुछ अनुयायियों की भावनाएं आहत होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह क्षमा मांग रहे हैं क्योंकि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

कैसे शुरू हुआ था विवाद

मालेगांव महानगर पालिका की उप महापौर निहाल अहमद के कार्यालय में 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान का चित्र लगाये जाने के बाद विवाद शुरू हुआ, जिसका शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता व उनके स्वराज के विचार को प्रस्तुत करने के तरीके का जिक्र करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ टीपू सुल्तान के युद्ध आह्वान का उदाहरण दिया और दावा किया कि यह एक ऐसा आदर्श था, जिसे उन्होंने उसी तर्ज पर व्यक्त किया था।

पुणे में सपकाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई

इस तुलना के कारण पुणे में सपकाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य शिवाजी महाराज के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि शिवाजी महाराज उनके आदर्श, प्रेरणा और गौरव हैं। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों से लड़ने में शिवाजी महाराज से प्रेरणा ली थी और ऐतिहासिक योगदानों का इस्तेमाल समाज को बांटने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने धार्मिक कलह पैदा करने के लिए दुष्प्रचार अभियान चलाया है। सपकाल ने कहा कि इतिहास को लेकर मतभेदों का समाधान संतुलित और विद्वतापूर्ण बहस के माध्यम से किया जाना चाहिए न कि धार्मिक या जातिगत ध्रुवीकरण को बढ़ावा देकर।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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