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CJP Mass Hunger Strike: सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच 16 जुलाई को CJP का सामूहिक भूख हड़ताल का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर 16 जुलाई को 'सामूहिक भूख हड़ताल' की घोषणा की है, क्योंकि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक खराब सेहत के बावजूद अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।

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सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 16 जुलाई को देशभर में सामूहिक भूख हड़ताल (Mass Hunger Strike) आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी ने लोगों से अपील की है कि वे एक दिन का सांकेतिक उपवास रखकर वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET (UG) 2026 में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। CJP का कहना है कि यह शांतिपूर्ण जनआंदोलन सरकार का ध्यान छात्रों की मांगों और वांगचुक की बिगड़ती सेहत की ओर आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

CJP ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया, 'कल, 16 जुलाई को सोनम वांगचुक और देश के छात्रों के समर्थन में 1 दिन की सामूहिक भूख हड़ताल में हमारे साथ शामिल हों।'

सेहत बिगड़ने की चिंताओं के बीच जंतर-मंतर पर वांगचुक की भूख हड़ताल 18वें दिन में पहुंच गई। वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) NEET (UG) 2026 और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक और गैर-राजनीतिक हलकों से अपना उपवास खत्म करने की बढ़ती मांगों के बावजूद वांगचुक हड़ताल जारी रखे हुए हैं। वांगचुक का समर्थन करने वालों में अभिनेत्री श्रेया धनवंतरी भी शामिल थीं, जिन्होंने उनके शांतिपूर्ण विरोध के तरीके की तारीफ करते हुए उनसे उपवास खत्म करने पर विचार करने का आग्रह किया।

5-सूत्रीय चार्टर

CJP ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना 'परीक्षा सुधार के लिए 5-सूत्रीय चार्टर' जारी किया। वे वहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस चार्टर में, CJP ने भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए बड़े संरचनात्मक सुधारों की मांग की।

NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए CJP 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को बताया कि 59 वर्षीय वांगचुक का वज़न 8.25 किलोग्राम कम हो गया है, उनका ब्लड शुगर लेवल बार-बार 70 mg/dL से नीचे गिर रहा है (सामान्य फ़ास्टिंग लेवल लगभग 100 mg/dL होता है), और उन्हें लगातार चक्कर आ रहे हैं, मांसपेशियों में भारी कमी और साफ कमजोरी दिख रही है, साथ ही उनकी पसलियां भी अब साफ दिखाई दे रही हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ मिलकर 20 जुलाई को होने वाला शांतिपूर्ण संसद मार्च तब तक जनसमर्थन जुटाता रहेगा, जब तक कि बार-बार परीक्षा में हुई नाकामियों के लिए जवाबदेही तय नहीं हो जाती, सिस्टम में सुधार लागू नहीं हो जाते और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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