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सरपंच हत्या मामले पर आया सीएम फडणवीस का रिएक्शन, बोले- किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

CM Fadnavis says On Santosh Deshmukh Murder Case: सरपंच हत्या मामले पर फडणवीस ने कहा है कि वो 'गुंडा राज' बर्दाश्त नहीं करेंगे, इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वाल्मीक कराड द्वारा उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘संतोष देशमुख के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए... यह मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।’’

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सीएम फडणवीस ने सरपंच हत्या मामले पर दी प्रतिक्रिया।

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को चेतावनी दी कि बीड में ‘गुंडा राज’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। फडणवीस ने कहा कि उन्होंने देशमुख के भाई से टेलीफोन पर बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में न्याय होगा। पुलिस ने बताया कि बीड के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का नौ दिसंबर को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। सरपंच की हत्या कथित तौर पर इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने कुछ लोगों द्वारा बीड जिले में एक पवन ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली किए जाने की कोशिश का विरोध किया था।

सरपंच हत्या मामले पर आया सीएम फडणवीस का बयान

संतोष देशमुख हत्याकांड पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हम किसी भी आरोपी को नहीं छोड़ेंगे, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे। आज मैंने संतोष देशमुख के भाई से फोन पर चर्चा की। मैंने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि पुलिस जो भी दोषी है, उसे ढूंढ निकालेगी और जब तक उन्हें फांसी नहीं हो जाती, तब तक कार्रवाई करेगी। पुलिस सबूतों के आधार पर कार्रवाई करेगी। जिनके खिलाफ सबूत हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मैं इस मामले में हो रही राजनीति में शामिल नहीं होना चाहता। मैंने पहले भी कहा है कि आपके पास जिसके खिलाफ सबूत हैं, हमें दीजिए। संतोष देशमुख के हत्यारे को सजा दिलाना मेरे लिए महत्वपूर्ण है। हमारी भूमिका स्पष्ट है, मुझे संतोष देशमुख को न्याय दिलाना है।"

'गुंडा राज बर्दाश्त नहीं, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा'

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने दिवंगत संतोष देशमुख के भाई से बात की और उनसे कहा कि उन्हें चिंता नहीं करनी चाहिए। जब तक दोषियों को फांसी नहीं हो जाती, पुलिस अपना काम करती रहेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बीड मामले में शामिल सभी लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम गुंडा राज बर्दाश्त नहीं करेंगे। जो लोग कानून को अपने हाथ में लेने या निवासियों से जबरन वसूली करने की कोशिश करेंगे, उन्हें सख्त परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस फिलहाल उन संदिग्धों की तलाश कर रही है जो फरार हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे।’’

वाल्मीक कराड ने पुलिस के समक्ष कर दिया सरेंडर

इससे पहले, महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी एवं बीड जिले में सरपंच की हत्या से जुड़े जबरन वसूली के मामले में वांछित वाल्मीक कराड ने पुणे में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या के मामले में पहले चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कराड को जबरन वसूली के मामले में वांछित आरोपी के रूप में नामजद किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कुछ भी हो जाए, सभी दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।’’

आरोपों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने क्या कहा?

कराड के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं, इस बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘पुलिस संदिग्धों के खिलाफ आरोपों और सबूतों पर जानकारी देगी। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) बिना किसी बाहरी दबाव के मामले को संभाल रहा है।’’ कराड द्वारा उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘अगर कोई सबूत है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मैं राजनीति नहीं कर रहा...संतोष देशमुख के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए... यह मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।’’ विपक्षी दलों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मंत्री धनंजय मुंडे पर कराड के साथ घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगाया है, तथा निष्पक्ष जांच के लिए उनके इस्तीफे की मांग की है। मुंडे भी बीड क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं।

इससे पहले, पत्रकारों से बातचीत में बीड जिले के आष्टी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक सुरेश धस ने कहा, ‘‘फडणवीस ने सख्त कदम उठाए ताकि कराड के पास पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प न बचे। फडणवीस ने उनकी कई संपत्तियां जब्त करवा दीं, जिससे वह और भी मुश्किल में पड़ गए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने आरोपी व्यक्तियों की विभिन्न संपत्तियों को कुर्क करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी है। एक सप्ताह की अवधि में जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।’’ कराड और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए विभिन्न आरोपों के बारे में पूछे जाने पर धस ने कहा कि उन सभी पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया जाना चाहिए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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