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Mahakal Lok corridor: आंधी की चपेट में आया महाकाल लोक कॉरिडोर, गलियारे की 6 देव प्रतिमाएं गिरकर टूटीं

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 29, 2023, 08:35 AM IST

Mahakal Lok corridor News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर स्थित महाकाल लोक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह कॉरिडोर भव्य एवं दिव्य है। इसकी लंबाई करीब 900 मीटर है। भारत में यह अपनी तरह का अनोखा कॉरिडोर है। इसका निर्माण पुराने रुद्रसागर झील के पास हुआ है।

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महाकाल लोक गलियारे की छह प्रतिमाएं टूटीं।

Photo : ANI

Mahakal Lok corridor : मध्य प्रदेश में रविवार दोपहर बाद आए भीषण आंधी-तूफान ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में भारी तबाही मचाई। इस तूफान की चपेट में महाकालेश्वर मंदिर का कॉरिडोर आ गया। सबसे ज्यादा नुकसान कॉरिडोर की सप्त ऋषि प्रतिमाओं को पहुंचा। महाकाल लोक कॉरिडोर की छह मूर्तियां गिरकर क्षतिग्रस्त हो गईं। रिपोर्टों के मुताबिक कई मूर्तियों के हाथ एवं सिर टूट गए। रविवार को कॉरिडोर को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचे थे लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

2022 में पीएम ने किया कॉरिडोर का उद्घाटन

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर स्थित महाकाल लोक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह कॉरिडोर भव्य एवं दिव्य है। इसकी लंबाई करीब 900 मीटर है। भारत में यह अपनी तरह का अनोखा कॉरिडोर है। इसका निर्माण पुराने रुद्रसागर झील के पास हुआ है। इस कॉरिडोर में अलग-अलग मुद्राओं वाली भगवान शिव की 200 मूर्तियां हैं।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है यह मंदिर

इस कॉरिडोर के निर्माण में करीब 850 करोड़ रुपए की लागत आई है। कॉरिडोर का निर्माण होने के बाद से भारी संख्या में श्रद्धालु इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं। महाकालेश्वर मंदर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसकी आध्यत्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता बहुत ज्यादा है।

नई मूर्तियां लगाएगा ठेकेदार-जिलाधिकारी

उज्जैन के जिलाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने बताया, ‘श्री महाकाल लोक गलियारे में 160 मूर्तियां हैं, जिनमें से आज दोपहर आयी तेज आंधी से छह मूर्तियां गिरकर टूट गईं। ये टूटी मूर्तियां वहां स्थापित किए गए सात सप्त ऋषियों में से हैं और करीब 10 फीट ऊंची थी। ठेकेदार नई मूर्तियां लगाएंगे, क्योंकि पांच साल तक की देखरेख का जिम्मा भी उनका ही है। हम आगे के लिए भी नियम और सख्त कर रहे हैं और उनकी जवाबदारी तय करने वाले हैं।’ पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया, ‘ये गिरकर टूटी हुई मूर्तियां महाकाल मंदिर के अंदर नहीं थीं। वे ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे में थीं।’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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