आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव तथा बिहार सरकार में एलजेपी (रामविलास) कोटे से मंत्री संजय सिंह के बीच विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। संजय सिंह की ओर से तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद अब तेज प्रताप ने इस पर पलटवार किया है। तेज प्रताप यादव ने मानहानि नोटिस को लेकर कहा कि “नोटिस भेजा गया है तो भेजा गया है, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।” उन्होंने कहा कि इस तरह के नोटिस से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव से 7 दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लगाए गए आरोपों का खंडन करने की मांग की गई है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर तय समय के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो तेज प्रताप यादव के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज कराया जाएगा। नोटिस में यह भी कहा गया है कि पूरी कानूनी कार्रवाई का खर्च और उसका नतीजा तेज प्रताप यादव का ही होगा।
लड़कियों से जुड़े आरोपों पर भी भड़के तेज प्रताप
दरअसल, मंत्री संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव पर कई लड़कियों के साथ कथित अवैध संबंधों को लेकर आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर तेज प्रताप ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि “फालतू की बातें नहीं करनी चाहिए।” तेज प्रताप ने संजय सिंह पर पलटवार करते हुए उनके कथित कारनामों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “हम उनके कारनामों को नहीं जानते हैं क्या?” साथ ही उन्होंने संजय सिंह के ठिकाने को लेकर भी सवाल खड़ा किया।
‘सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता’
तेज प्रताप यादव ने साफ किया कि वह मानहानि के नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संजय सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनकी सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। इस पूरे विवाद के बीच दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं। अब देखना होगा कि 50 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस पर आगे कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाती है।
