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कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल SN राजा सुब्रमणि? गढ़वाल राइफल्स से लेकर CDS बनने तक का सफर

लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को भारत का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया गया है। एक नजर डालते हैं उनके 40 साल के सैन्य करियर, कमांड और शिक्षा केप विवरण पर।

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लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे भारतीय सेनाओं की कमान (X/@SpokespersonMoD)

Photo : Twitter

भारत सरकार ने थल सेना के पूर्व उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (NS Raja Subramani) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे 30 मई 2026 को कार्यभार संभालेंगे और जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे। अपनी इस नई और सर्वोच्च सैन्य भूमिका में वे न केवल तीनों सेनाओं के प्रमुख होंगे, बल्कि भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं देंगे। आइए एक नजर में जानते हैं लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि के करियर के बारे में।

एक प्रभावशाली सैन्य करियर का सफर

Lt Gen NS Raja Subramani CDS

40 साल से अधिक का है अनुभव (PIB)

लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि का सैन्य जीवन चार दशकों से अधिक के समृद्ध अनुभव से भरा हुआ है। वर्तमान में वे 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में देश की सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उप थल सेनाध्यक्ष (VCOAS) और मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सैन्य नेतृत्व किया।

शिक्षा और प्रारंभिक सैन्य जीवन

जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के छात्र रहे हैं। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी शैक्षणिक योग्यता का लोहा मनवाया है। वे ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एम.फिल की डिग्री है।

कठिन क्षेत्रों में कमान और रणनीतिक अनुभव

अपने विशिष्ट करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेना का नेतृत्व किया है। 'ऑपरेशन राइनो' के तहत असम में उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और सेंट्रल सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व किया। उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर, '2 कोर' की कमान संभालना रही है।

कूटनीतिक और प्रशिक्षण भूमिकाएं

फील्ड कमांड के अलावा, उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और शैक्षणिक नियुक्तियों पर भी कार्य किया है। वे कजाकिस्तान में भारत के डिफेंस अटैचे (Defence Attache) रह चुके हैं और रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय में सैन्य खुफिया विभाग (Military Intelligence) के उप महानिदेशक के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उन्हें पूर्वी कमान में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) और वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) के रूप में कार्य करने का भी अनुभव है। उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में उन्होंने पश्चिमी और उत्तरी दोनों सीमाओं की परिचालन स्थितियों को करीब से समझा है।

पदक और व्यक्तिगत जीवन

राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उनका विवाह महालक्ष्मी सुब्रमणि से हुआ है और उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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