मध्यपूर्व में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच टकराव को लेकर ऊर्जा क्षेत्र में भारी अनिश्चितता जारी है। भारत में भी पेट्रोल और डीजल को लेकर तो राहत है, लेकिन एलपीजी गैस का भारी संकट देखा जा रहा है। इस बीच, केंद्र सरकार ने एलपीजी की बुकिंग और उपलब्धता को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने एलपीजी संकट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी को लेकर हालात पहले से थोड़ा बेहतर हुए हैं, हालांकि अभी पूरी तरह से सुधरे नहीं है।
हालात अभी भी चिंताजनक
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि LPG के संबंध में स्थिति अभी भी चिंताजनक है। किसी भी LPG वितरक पर कमी नहीं है। इसके अलावा सिलेंडर का वितरण सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह ही हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में बहुत सुधार हुआ है। लगभग 94% बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है।
भारत भर में 12 हजार रेड
उन्होंने कहा कि एनफोर्समेंट एक्शन की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में अब तक करीब 12 हजार रेड की गई हैं। करीब 15 हजार सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कल दिल्ली में करीब 600 सिलेंडर जब्त किए गए। इसी तरह,उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में करीब 450 इंस्पेक्शन और रेड की गई हैं। 10 लोगों को अरेस्ट भी किया गया है। जम्मू-कश्मीर में 564 रेड की गई हैं, FIR दर्ज की गई हैं, और अरेस्ट भी किए गए हैं। केरल में करीब 1000 रेड और इंस्पेक्शन किए गए हैं और डोमेस्टिक और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए हैं। मध्य प्रदेश में भी करीब 1200 रेड की गई हैं और करीब 1800 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की इंस्पेक्शन टीमों को भी एक्टिव किया गया है और करीब 2500 रिटेल आउटलेट और LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर सरप्राइज़ इंस्पेक्शन किए गए हैं।
वाणिज्यिक LPG ग्राहक भी हों पीएनजी पर शिफ्ट
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में आगे कहा कि भारत सरकार की कोशिश है कि जो भी वाणिज्यिक LPG ग्राहक हैं वे PNG पर शिफ्ट हों तो अच्छा होगा। इसी दिशा में भारत सरकार भी प्रयासरत है। गेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी CGD कंपनियों के साथ बैठक की है। भारत सरकार ने कल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खत लिखा है कि जितनी भी पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित हैं उन्हें स्वीकृति दी जाए।
