Southern Command New Chief: भारतीय सेना की रणनीतिक रूप से बेहद जरूरी सदर्न कमांड की कमान अब लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम ने संभाल ली है। उन्होंने मंगलवार को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C), सदर्न कमांड के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम से संभाली है, जिन्होंने आज ही वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ का पदभार ग्रहण किया है। सदर्न कमांड भारतीय सेना की उन प्रमुख कमानों में शामिल है, जिन पर देश की सुरक्षा व्यवस्था का बेहद अहम दायित्व होता है। यह कमान रेगिस्तानी क्षेत्रों, रण और क्रीक सेक्टर, लंबी तटीय सीमा, द्वीपीय इलाकों और आंतरिक रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों के लिए जानी जाती है। ऐसे में इस कमान में नेतृत्व परिवर्तन को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप का सफर
नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को जून 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था। लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील ऑपरेशनल परिस्थितियों में महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ नियुक्तियों की जिम्मेदारी संभाली है। लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने अर्ध-विकसित क्षेत्र में इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभालने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र मिशन इन साउथ सूडान में भी नेतृत्व किया है। इसके अलावा उन्होंने स्ट्राइक कोर में इन्फैंट्री ब्रिगेड, नॉर्दर्न कमांड में काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और पिवट कोर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में थे तैनात
उनका सैन्य अनुभव विविध और व्यापक रहा है। वे ऑपरेशन पवन का हिस्सा रहे हैं, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में मिलिट्री ऑब्जर्वर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, और लाइन ऑफ कंट्रोल, ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर में कई बार तैनाती का अनुभव रखते हैं। वे वर्तमान में महार रेजिमेंट के कर्नल भी हैं। सदर्न कमांड की कमान संभालने से पहले वे मुख्यालय सदर्न कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में तैनात थे। इस दौरान उन्होंने सैन्य क्षमता विकास, बल पुनर्गठन और समग्र ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या में नेशनल डिफेंस कोर्स किया है। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया जा चुका है।
शहीद सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
कार्यभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने सदर्न कमांड वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सदर्न कमांड अपनी विविध जिम्मेदारियों वाले इलाकों जैसे रेगिस्तान, रण और क्रीक सेक्टर, तटीय क्षेत्र, द्वीपीय इलाके और आंतरिक क्षेत्र में ऑपरेशनल रेडीनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने जॉइंटनेस, स्वदेशी सैन्य क्षमता विकास और तकनीक के सैन्य उपयोग को और मजबूत करने पर जोर देते हुए सभी रैंकों को बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप उच्च स्तर की तत्परता, पेशेवर दक्षता और युद्धक क्षमता बनाए रखने का निर्देश दिया।
