Wing Commander Namansh Syal Last Rites: दुबई एयर शो के दौरान हुए तेजस विमान हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल का अंतिम संस्कार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रविवार को किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी, विंग कमांडर अफशां, बेहद भावुक नजर आईं, जबकि उनकी छह वर्षीय बेटी मां से लिपटी रही। विंग कमांडर के चचेरे भाई ने श्मशान घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय वायुसेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता और स्थानीय लोग अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित थे।
पैतृक गांव लाया गया पार्थिव शरीर
स्थानीय लोगों के अनुसार नमांश स्याल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और देशभक्त थे। 21 नवंबर को एयर शो के दौरान उन्होंने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एसएसी) तेजस उड़ाते समय अपनी जान गंवा दी। उनके पार्थिव शरीर को रविवार को तमिलनाडु के सुलुर एयर फोर्स बेस लाया गया, जहां उन्हें पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शव को हिमाचल प्रदेश के गग्गल हवाई अड्डे तक पहुंचाया गया और वहां से फूलों से सजाकर सेना के ट्रक में उनके पैतृक गांव पटियालकर ले जाया गया। इस दौरान सशस्त्र बलों और प्रशासनिक वाहनों का काफिला उनके ट्रक के पीछे चल रहा था।
‘जब तक सूरज चांद रहेगा, नम्मू तेरा नाम रहेगा’
रास्ते में सैकड़ों लोग खड़े होकर नमांश स्याल को अंतिम विदाई देते नजर आए और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, नम्मू तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारे लगाए। जब काफिला उनके गांव पहुंचा, तो स्याल के माता-पिता, वर्दी में उनकी पत्नी अफशां स्याल और उनकी छह वर्षीय बेटी गाड़ी से उतरे। उनके चेहरे पर शोक साफ दिखाई दे रहा था। स्याल के पिता, जगन्नाथ स्याल ने कहा, “नमांश की मौत मेरे लिए और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।”
2014 में हुई थी शादी
पिता, जगन्नाथ स्याल ने बताया कि देश में केवल चार एरोबैटिक पायलट हैं और नमांश उनमें से एक थे। उन्होंने बताया कि नमांश और अफशां की पहली मुलाकात पठानकोट में उनकी पहली पोस्टिंग के दौरान हुई थी और दोनों ने 2014 में शादी की थी। हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री अनिल गोमा, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, भाजपा नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, वायुसेना और सेना के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
(इनपुट - भाषा)
