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रवांडा से प्रत्यर्पित कर लाया गया लश्कर का आतंकी, भारत में टेरर फंडिंग का है आरोप

Salman Rehman Khan: सलमान रहमान खान के प्रत्यर्पण अभियान को काफी गोपनीय रखा गया था। इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी गई। सलमान के प्रत्यर्पण के लिए सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और किगाली में इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के साथ मिलकर काम किया।

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रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया आतंकी।

Salman Rehman Khan : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लश्कर ए तैयबा से जुड़े एक आतंकवादी को अफ्रीकी देश रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाई है। इस आतंकवादी पर बेंगलुरु में सक्रिय आतंकवादी मॉड्यूल्स को फंड एवं हथियार मुहैया कराने का आरोप है। रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सलमान रहमान खान के प्रत्यर्पण अभियान को काफी गोपनीय रखा गया था। इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी गई। सलमान के प्रत्यर्पण के लिए सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और किगाली में इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के साथ मिलकर काम किया।

सलमान पर ये हैं आरोप

एनआईए ने आतंकी सलमान रहमान खान के खिलाफ आपराधिक साजिश, आतंकवादी संगठन का सदस्य होने और आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करने तथा शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम से संबंधित अपराधों से संबंधित मामले दर्ज किए हैं। खान पर आपराधिक साजिश रचने, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की सदस्यता और आतंकी अभियानों के लिए सामग्री मुहैया कराने का आरोप है। यही नहीं उस पर आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं के लिए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की आपूर्ति करने का भी आरोप है।

रवांडा में छिपा हुआ था सलमान

खान के खिलाफ एनआईए ने साल 2023 में आर्म्स एक्ट और आतंकवाद से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया। उस पर बेंगलुरु में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में संलिप्तता का आरोप है। सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने बीते 2 अगस्त को उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया। एजेंसियों को पता चला कि वह रवांडा में छिपा हुआ है। जानकारी मिलने पर सीबीआई की एक टीम रवांडा गई और उसे प्रत्यर्पित कर भारत लेकर आई।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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