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यूपी में आज नीलाम होगी पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार की जमीन, ऑनलाइन लगेगी बोली

Pervez Musharraf: उत्तर प्रदेश के बागपत में मौजूद पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार की जमीन की नीलामी आज की जाएगी। यह प्रक्रिया आज ही पूरी कर ली जाएगी और सबसे ऊंची बोली लगाने वाले व्यक्ति के नाम इस जमीन को दर्ज कर लिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी।

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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार आज जमीन होगी नीलाम

Photo : Twitter

Pervez Musharraf: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ इन दिनों उत्तर प्रदेश में चर्चा में हैं, क्योंकि बागपत के कोटाना गांव में उनके एक रिश्तेदार के नाम पर दर्ज शत्रु संपत्ति की नीलामी 5 सितंबर को होने वाली है। कोटाना गांव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति का ननिहाल था, बल्कि उनके पिता के माता-पिता का भी निवास स्थान था। जिला प्रशासन के अनुसार, लगभग दो हेक्टेयर भूमि, जो शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज है और कोटाना के नूरू की है, जो 1965 में पाकिस्तान चले गए थे, जल्द ही नीलाम कर दी जाएगी।

2010 में शत्रु संपत्ति किया गया था घोषित

कोटाना के ग्रामीण याद करते हैं कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ के दादा और नाना उनके गांव से थे। उनकी मां बेगम जरीन और पिता मुशर्रफुद्दीन ने 1943 में अपनी शादी के बाद कोटाना छोड़ दिया था। परवेज मुशर्रफ का जन्म दिल्ली में हुआ था, वे कभी कोटाना गांव नहीं गए क्योंकि उनका परिवार देश के विभाजन के दौरान 1947 में पाकिस्तान में बस गया था।

गांव वालों के मुताबिक परवेज मुशर्रफ के रिश्तेदार नूरू पाकिस्तान बनने के बाद 18 साल तक कोटाना में रहे थे और 1965 में पाकिस्तान चले गए थे। उनके पास गांव में दो हेक्टेयर जमीन है, जिसे 2010 में शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था। इस जमीन की नीलामी आज होनी है। इस जमीन की नीलामी होते ही बागपत से पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भाई और परिवार का नाम खत्म हो जाएगा।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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