प्रोफेसर चंद्रशेखर बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री हैं। लेकिन विवादों से उनका पुराना नाता है। एत तरह से कहें तो वो विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की बदनामी के लिए कुछ अधिकारियों की कार्यशैली, हद से अधिक बोलना बताया। शिक्षा मंत्री ने वैसे तो किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया। लेकिन बताया जा रहा है कि उनका इशारा आईएएस अधिकारी के के पाठक (के के पाठक इस समय एसीएस एजुकेशन हैं) की तरफ था। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी रॉबिनहुड बनने और छवि चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे अधिकारी इस तरह का काम ना करें। इसकी वजह से उनके विभाग की मीडिया के जरिए नकारात्मक छवि बन रही है। के के पाठक के बारे में कहा जाता है कि सीएम नीतीश कुमार उन्हें जितना अधिक पसंद करते हैं उतना ही अधिक नापंसद लालू यादव करते थे। इसके अलावा प्रोफेसर चंद्रशेखर को लालू प्रसाद यादव का करीबी बताया जाता है। यहां पर शिक्षा मंत्री के पुराने बयानों के बारे में बताएंगे जिस पर हंगामा बरपा था।
प्रोफेसर चंद्रशेखर के विवादित बोल
रामचरित मानस, समाज में नफरत फैलाने वाले ग्रंथ है,
हम एकलव्य की संतान हैं, अंगूठा नहीं जवाब देना जानते हैं
मायावती जी दलित और बीजेपी की उनका शीर्ष स्थान पर पहुंचना पसंद नहीं
अखिलेश यादव, पिछड़े समाज से आते हैं लिहाजा आवास को गंगाजल से धुलवाया जाता है।
बीजेपी ने साधा निशाना
प्रोफेसर चंद्रशेखर की चिट्ठी जब सार्वजनिक हुई तो बीजेपी के नेता हमलावर हुए। बीजेपी का कहना है कि अपनी नाकामी का ठिकरा आईएएस अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है।
