Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन अब व्यापक रूप लेता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर देश की अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों का समर्थन भी छात्रों को मिलने लगा है। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर (Sri Sri Ravi Shankar) और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखते हुए मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई है।
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने छात्रों की स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के युवाओं की आवाज को बहुत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवादहीनता की यह स्थिति किसी के हित में नहीं है और वर्तमान में जो कुछ हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने को लेकर उठे सवाल
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर मंगलवार को खुद जंतर-मंतर पहुंचे और वहां धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत कर उनके साथ एकजुटता व्यक्त की। इस दौरान थरूर ने पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज और प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
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सरकार इतनी असंवेदनशीलता क्यों?
पत्रकारों से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि जिस तरह से संसद में विपक्ष के नेता को जबरन खींचा गया और अन्य सांसदों के साथ हिरासत में रखा गया, उस घटना ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं, तो सरकार इतनी असंवेदनशीलता क्यों दिखा रही है?
थरूर ने स्पष्ट किया कि पुलिस की दमनकारी कार्रवाई की आड़ लेकर सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं भाग सकती। जंतर-मंतर पर बढ़ता यह समर्थन दिखाता है कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह मुद्दा अब राजनीति और समाज दोनों के केंद्र में आ चुका है।
