Assault on Dev Kotak: जंतर मंतर पर मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान TIMES NOW के रिपोर्टर देव कोटक पर हुए हमले के खिलाफ मीडिया में जबर्दस्त गुस्सा एवं नाराजगी देखी जा रही है। देव के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए मीडिया संस्थानों एवं स्वतंत्र पत्रकारों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी रिपोर्टर एवं मीडियाकर्मी को उसके काम के लिए निशाना नहीं बनाया जा सकता। ड्यूटी कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।
देव पर हुए हमले की निंदा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने कहा कि बिलकुल वही आशंका जिसे हममें से कई लोग लगातार जताते रहे हैं। ड्यूटी कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। आप जिसे पसंद नहीं करते उसे आप देखना या पढ़ना छोड़ सकते हैं लेकिन किसी पत्रकार पर हमला या उसे भीड़ का निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
देव के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए वरिष्ठ पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने कहा कि वह एक रिपोर्टर हैं, किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं। किसी भी मीडिया संस्थान के पत्रकार पर हमला करना, उसे भीड़ का निशाना बनाना या उसके साथ बर्बरता करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
टीवी कमेंटेटर सबा नकवी ने कहा कि 'यह हमला बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है।' सबा ने कहा कि अपना काम कर रहे सभी युवा रिपोर्टरों के साथ वह एकजुटता के साथ खड़ी हैं। देव पर हमले के बाद मीडिया में आक्रोश देखा जा रहा है। फील्ड में काम करने वाले रिपोर्टरों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
कोटक के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए न्यूज 18 के जर्नलिस्ट विवके गुप्ता ने X पर अपने पोस्ट में कहा कि 'यह पत्रकार देव कोटक है, मुंबई में हमारे साथ कई सालों तक काम किया है, फिलहाल दिल्ली में हैं। अपनी ड्यूटी करते समय तथाकथित 'छात्रों' ने इनका यह हाल किया है। पत्रकारों को मारने पीटने से आप लोगों को क्या मिलेगा..? ऐसी हरकत छात्र तो नहीं करेंगे।'
तो वहीं इंडिया टुडे की एडिटर पूजा शाली ने देव पर हुए हमले का वीडियो शेयर करते हुए X पर कहा कि 'देव मेरे सहयोगी रहे हैं। एक ईमानदार, सरल और मेहनती रिपोर्टर। भीड़ द्वारा उन पर किया गया हमला बेहद दुखद और निंदनीय है। उनकी हालत का पता लगाने के लिए उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि उनका फोन चोरी हो गया है। जो लोग आज किसी वैचारिक या राजनीतिक मतभेद के कारण इस घटना को सही ठहरा रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि कल किसी दूसरे मुद्दे पर ऐसी ही भीड़ का शिकार वे भी हो सकते हैं। भीड़ के गुस्से का जश्न मनाने से बचिए।'
ABP न्यूज के रिपोर्टर शिवांक मिश्रा ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि 'छात्रों के रूप में छिपी हुई भीड़ देव कोटक पर हमला कर रही है। इनके चेहरे साफ देखे जा सकते हैं। हमलावरों को हूटिंग करते और खुशी मनाते देखा जा सकता है। ऐसा लग रहा है कि जैसे कि इन्होंने कोई ट्रॉफी जीत ली है और इसका जश्न मना रहे हैं।'
राजनीतिक दलों ने भी देव पर हमले की निंदा की है। NCP के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने कहा कि 'देव मेरा दोस्त है। आज उस पर हुआ हमला पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदनीय है। यह सोचकर शर्म आती है कि हम ज़मीनी स्तर पर सच सामने लाने वाले पत्रकारों के काम की अहमियत तक नहीं समझ पा रहे हैं। लोकतंत्र में रिपोर्टरों की भूमिका का सम्मान होना चाहिए, न कि उन्हें भीड़ की हिंसा का शिकार बनाया जाए।'
देव पर हमले की निंदा करते हुए समाजवादी नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री आईपी सिंह ने छात्रों युवाओं से फील्ड में काम कर रहे पत्रकारों के साथ अभद्रता न करने की अपील की है। देव के साथ कुछ लोगों ने मारपीट और अभद्रता की है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
पत्रकार पीयूष राय ने कहा कि 'कॉलेज के दिनों से देव को जानता हूं। वह सचमुच एक बेहतरीन इंसान है-शांत, संतुलित और आसानी से उकसावे में न आने वाला। मैं समझता हूं कि जिस मीडिया संस्थान में वह काम करता है, उसे लेकर लोगों में नाराजगी हो सकती है, लेकिन किसी पत्रकार को भीड़ बनाकर घेरना और उस पर हमला करने की कोशिश करना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। किसी आंदोलन की ताकत उसके मुद्दों और नैतिक आधार में होती है, न कि भीड़ के गुस्से में। ऐसी अराजकता और हिंसा केवल आंदोलन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है।'
कपड़े फाड़ डाले और घड़ी-फोन भी लूट लिया
बता दें कि मंगलवार को जंतर-मंतर पर देव पर हमला हुआ। देव पर उस वक्त हमला हुआ जब वह रिपोर्टिंग कर रहे थे। यहां धरना-प्रदर्शन में शामिल 100-120 लोगों ने उन्हें घेरकर उनके कपड़े फाड़ डाले और घड़ी-फोन भी लूट लिया। देव कोटक ने खुद अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह भीड़ ने गोदी मीडिया के नारे लगाते हुए उन्हें घेरा और उनके साथ मारपीट की।
